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देशभर में मकर संक्रांति की धूम, लाखों श्रद्धालुओं ने किया गंगा स्नान

मकर संक्रांति के पावन मौके पर धार्मिक नगरी काशी के गंगा घाट पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर तिल और गुड़ का दान कर पुण्य की प्राप्ति की. मकर संक्रांति के दिन ही सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होता है जिसे देवताओं का दिन माना जाता है.

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मकर संक्रांति के पावन मौके पर धार्मिक नगरी काशी के गंगा घाट पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर तिल और गुड़ का दान कर पुण्य की प्राप्ति की. मकर संक्रांति के दिन ही सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होता है जिसे देवताओं का दिन माना जाता है.

मान्यता है कि आज गंगा स्नान कर भगवान सूर्य को अर्ग्य देने के साथ ही तिल और गुड़ का दान देने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. पंचांग की माने तो आज शाम 7 बजकर 8 मिनट पर संक्रांति है, इसलिए भक्तों ने तार्किक आज स्नान किया.

गंगासागर में डुबकी लगाएंगे 3 लाख श्रद्धालु
मकर संक्रांति के मौके पर पश्चिम बंगाल के सागर में गंगा में डुबकी लगाने के लिए 3 लाख से अधिक हिंदू श्रद्धालु पहुंच चुके हैं. एक मंत्री ने सोमवार को यह जानकारी दी. सुंदरवन विकास मंत्री मंतुराम पाखिरा ने बताया, 'तीन लाख से अधिक श्रद्धालु यहां पहुंच चुके हैं. हजारों की संख्या में और श्रद्धालु अभी आ रहे हैं. श्रद्धालुओं का यहां आगमन पूरी रात चलता रहेगा'. उन्होंने बताया, 'देश के लगभग सभी राज्यों से श्रद्धालु यहां आए हैं. विदेशी भी काफी संख्या में पहुंचे हैं.'

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सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दक्षिण 24 परगना के पुलिस अधीक्षक प्रवीण त्रिपाठी ने बताया, 'अब तक किसी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं मिली है.' सुरक्षा के मद्देनजर यहां 6,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें 600 महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं. सीमा सुरक्षा बल के जवानों और भारतीय नौसेना के होवरक्राफ्ट को भी आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए तैनात कर दिया गया है. इस साल श्रद्धालुओं के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं की भी व्यवस्था की गई है. गंगा नदी बंगाल की खाड़ी में इस जगह समुद्र में मिल जाती हैं, और इस स्थल को गंगासागर के नाम से जाना जाता है. शाही स्नान का समय मंगलवार को तड़के 3.15 बजे शुरू हुआ.

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