नेपाल की 601 सदस्यीय संविधान सभा में 355 सदस्यों का समर्थन हासिल कर चुके सीपीएन यूएमएल नेता माधव कुमार नेपाल नए प्रधानमंत्री चुन लिए गए.
माओवादियों ने दो हफ्ते से अधिक समय तक चले संसद में गतिरोध को शुक्रवार को खत्म कर दिया. इसी के साथ नेपाल में राजनीतिक संकट से राहत पाने के लिए नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो पाया.
नेपाल के माओवादी नेता प्रचंड का मानना है कि भारत और चीन के साथ पारंपरिक रिश्तों को फिर से परिभाषित करने की कीमत उन्हें कुर्सी गंवाकर चुकानी पड़ी. संसद में प्रचंड ने कहा कि ऐसे हालात पैदा हो गए थे कि मुझे इस्तीफा देना पड़ा, क्योंकि मेरी पार्टी ने पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को नई नजर से देखने की कोशिश की थी.
इससे पहले माओवादी प्रमुख ने आर्मी चीफ जनरल रुकमांगद कटवाल के साथ विवाद के मुद्दे पर भारत पर नेपाल के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाया था. प्रचंड ने यह भी जोड़ा कि उनकी पार्टी भारत और चीन दोनों के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखना चाहती है.
उन्होंने कहा कि मुझे अभी भी गंभीरता से लगता है कि इन दोनों देशों के साथ नेपाल के रिश्तों को पुनर्परिभाषित करने की ऐतिहासिक जरूरत है लेकिन यह भी सच है कि छोटे और बड़े भाई का पारंपरिक सिद्धांत आज भी बरकरार है.