scorecardresearch
 

संसद सत्र शुरू होने से पहले सुमित्रा महाजन ने सभी पार्टियों की बैठक बुलाई

गुरुवार को लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने सभी राजनीतिक पार्टी के नेताओं की बैठक बुलाई है. इसमें लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन सभी पार्टी के नेताओं से सदन को सुचारु रूप से चलाने को लेकर चर्चा करेंगी.

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन

संसद का शीतकालीन सत्र शुक्रवार से शुरू होने जा रहा है. इससे पहले गुरुवार को लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने सभी राजनीतिक पार्टी के नेताओं की बैठक बुलाई है. इसमें लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन सभी पार्टी के नेताओं से सदन को सुचारु रूप से चलाने को लेकर चर्चा करेंगी. साथ ही सभी से इसमें सहयोग करने को कहेंगी. संसद का शीतकालीन सत्र 15 दिसंबर से लेकर पांच जनवरी तक चलेगा.

वहीं, कांग्रेस पहले ही साफ कर चुकी है कि इस सत्र में अमित शाह के बेटे जय शाह का मामला और रॉफेल डील के मुद्दे पर सरकार को घेरा जाएगा. यह बैठक गुरुवार शाम को 7:00 बजे संसद भवन में होगी. दूसरी ओर सरकार ने भी सभी पार्टियों की बैठक बुलाई है. संसद सत्र को लेकर सरकार की ओर से ऐसी बैठकें बुलाने का रिवाज काफी समय से चल रहा है. इसमें सरकार विपक्ष के नेताओं को संसद को सुचारु रूप चलने में सहयोग की बात करती है. साथ ही यह आश्वासन देती है कि वह किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार हैं. यह बैठक भी आज शाम को 5:00 बजे संसद भवन में होगी.

शुक्रवार से शुरू होने वाले संसद सत्र को लेकर कांग्रेस ने काफी हंगामा किया था. साथ ही कहा था कि सरकार ने गुजरात चुनाव को देखते हुए शीतकालीन सत्र को समय पर नहीं बुलाया. कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों से बचना चाहती है. चाहे वह अमित शाह के बेटे जय शाह का मामला हो या फिर रॉफेल डील से जुड़ा मुद्दा हो. हालांकि सरकार का कहना है कि यह पहली बार नहीं है. इससे पहले भी संसद सत्र को आगे पीछे किया जाता रहा है. कांग्रेस के समय में भी सत्र तारीखों को आगे पीछे किया जाता रहा है. मोदी सरकार का कहना है कि वह संसद में किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है और पीछे नहीं हटेगी.

तीन तलाक को लेकर सरकार इसी शीतकालीन सत्र में एक बिल भी लाएगी. तीन तलाक यानी तलाक-ए-बिद्दत को संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध बनाने वाला यह बिल शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी के लिए लाया जाएगा. इस बिल में तीन तलाक देने पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान है. कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस बिल को शुक्रवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें