लेफ्टिनेंट जनरल तरणजीत सिंह ने Deputy Chief of Integrated Defence Staff (Operations) एकीकृत रक्षा स्टाफ (संचालन) के उप प्रमुख के तौर पर पदभार संभाल लिया है. उन्हें विशेष बल, अंतरिक्ष और साइबर एजेंसियों का भी प्रभार सौंपा गया है.
बता दें कि भारत के तीनों सशस्त्र बलों के लिए स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने लाल किले से चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ को नियुक्त करने की घोषणा की थी. तीनों सेनाओं के बीच तालमेल को बेहतर करने के लिए सीडीएस का गठन किया गया है.
Lieutenant General Taranjeet Singh has taken over as the Deputy Chief of Integrated Defence Staff (Operations). He is also in-charge of tri services special forces, space and cyber agencies. pic.twitter.com/1NHhQ5jrfX
— ANI (@ANI) October 17, 2019
कारगिल युद्ध के समय उठी थी मांग
1999 में हुए कारगिल युद्ध के बाद जब 2001 में तत्कालीन डिप्टी पीएम लाल कृष्ण आडवाणी की अध्यक्षता में गठित ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GOM) ने समीक्षा की तो पाया कि तीनों सेनाओं के बीच समन्वय की कमी रही. अगर तीनों सेनाओं के बीच ठीक से तालमेल होता तो नुकसान को काफी कम किया जा सकता था.
उस वक्त चीफ ऑफ डिफेंस (CDS) पद बनाने का सुझाव दिया गया , जिसका करीब 20 साल बाद 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया. हालांकि तब वाजपेयी सरकार में मंत्रियों के समूह की सिफारिश पर सेना के तीनों अंगों के बीच सहमति न बन पाने के कारण इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था.
कौन हैं तरणजीत सिंह
तरणजीत सिंह को 19 दिसंबर 1981 को 65वीं आर्मर्ड रेजिमेंट में नियुक्त किया गया था. उनके पास यंत्रीकृत युद्ध (mechanised warfare) और परिचालन कला का विशेष अनुभव है. ऑपरेशन पवन के दौरान वह भारतीय शांति सेना का हिस्सा थे. उन्होंने एक बख़्तरबंद ब्रिगेड और एक रैपिड डिवीजन सहित कई कमानें संभाली हैं, जो एक स्ट्राइक कोर का हिस्सा है.