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LeT आतंकी का दोस्तों को संदेश- हमें यूज कर रहा PAK, भारतीय सेना ने दी नई जिंदगी

जामिया में रहने वाला एजाज अहमद गोजरी नाम का यह आतंकी लश्कर ए तैयबा के उन 4 आतंकियों में से एक है जिन्हें बारामूला से सेना ने जिंदा पकड़ा था. उसने अपने साथियों के बारे में बात करते हुए बताया कि मुश्ताक, साहेबा, नासिर और ऐसे तमाम चेहरों की जिंदगी कत्लोगारत में झोंक दी गई हैं, ये सही नहीं है. उसने बताया कि हिंदुस्तान की फौज चाहती तो उसे गोली मार सकती थी. लेकिन ऐसा न करके भारतीय फौज ने उन्हें नईं जिंदगी के सबक दिए हैं.

एजाज अहमद गोजरी एजाज अहमद गोजरी

भारत जमाने से कहता रहा है कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में आतंक की फसल बो रहा है. कौम के नाम पर नौजवानों को भड़का रहा है. लेकिन पाकिस्तान ने तमाम सबूतों के बावजूद इसे कभी स्वीकार नहीं किया. लेकिन गुरुवार को लश्कर के एक आतंकवादी ने खुद इसकी गवाही दी है. उसने बताया कि कैसे पाकिस्तान भारत के खिलाफ साजिश रच रहा है और कैसे भारतीय सेना ने उसे एक नई जिंदगी दी.

एजाज अहमद गोजरी नाम का यह आतंकी लश्कर ए तैयबा के उन 4 आतंकियों में से एक है जिन्हें बारामूला से सेना ने जिंदा पकड़ा था. उसने अपने साथियों के बारे में बात करते हुए बताया कि मुश्ताक, साहेबा, नासिर और ऐसे तमाम चेहरों की जिंदगी कत्लोगारत में झोंक दी गई हैं, ये सही नहीं है. उसने बताया कि हिंदुस्तान की फौज चाहती तो उसे गोली मार सकती थी. लेकिन ऐसा न करके भारतीय फौज ने उन्हें नई जिंदगी के सबक दिए हैं.

एजाज जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की अंधी गलियों से लौटा वो चेहरा है जिसकी आंखें अब नई जिंदगी की ख्वाब देख रही हैं. एजाज को अपने किये पर अफसोस है. वो जम्मू-कश्मीर की भटकी हुई उदास नस्लों से कहता है कि इस मुल्क की बेहतरी के वास्ते अपने-अपने घरों को लौट आओ.

एजाज अहमद गोजरी ने कहा, 'हम लोग पिछले 6 महीने से जंगलों में रह रहे थे. मैं साथियों से गुजारिश करता हूं, जो इस वक्त गलत रास्ते पर हैं. अपनी अच्छी जिंदगी को छोड़कर एक गलत जिंदगी को थामे हुए बैठे हैं. मैं उनसे गुजारिश करता हूं कि वो अपने मां-बाप के लिए वापस आएं. मैं नासिर से कहता हूं कि उसकी मां बहुत बीमार है. वो अपनी मां के लिए वापस आए. सभी अपने घरों को लौट आएं.'

'भारतीय फौज ने दी हमें नई जिंदगी'

भारतीय फौज से सामना होने की बात को बताते हुए एजाज ने कहा, 'जिस दिन हमारा फौज से आमना-सामना हुआ. हम भागे. बिलाल भी हमारे साथ था. वो भी नया लड़का उठाया गया था. जब फौज से आमना-सामना हुआ. हमने फायर किए थे. लेकिन फौज ने हमारे ऊपर फायर नहीं की. मैं उस दिन भागा और हम झाड़ी में छिप गए. फौज मुझे गोली मार सकती थी. लेकिन फौज ने मुझे गिरफ्तार करके एक नई जिंदगी दी.'

जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान की नापाक साजिश का खुलासा करते हुए एजाज ने कहा, 'जिस दिन मैं गिरफ्तार हुआ उससे पहले पाकिस्तान में बैठे आका कहते थे कि इंडिया की फौज ऐसी है, वैसी है. ऐसा कुछ भी नहीं है. आप खुद आकर इनसे मिलें. फौज के साथ बात करके देखें. ये एक साजिश चल रही है. हमारी जिंदगी के साथ खेला जाता है. आपलोग घर वापस आ जाओ.'

'भारतीय नौजवानों को आतंकी बना रहा पाकिस्तान'

भारतीय सेना पर उठे सवालों के बरअक्स एक आतंकवादी का ये कबूलनामा बहुत सारे शुबहों का जवाब भी है और हिसाब भी. एजाज के कबूलनामे और सेना के प्रति नजरिया यह दर्शाता है कि जम्मू-कश्मीर के नौजवान आतंकी सरगनाओं की साजिशों को समझ चुके हैं और झांसे में आने से इनकार कर रहे हैं. ऐजाज ने भी बताया कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के नौजवानों को भारतीय सेना के खिलाफ भड़का रहा है. उन्हें आतंक के रास्ते पर मोड़ रहा है और इसके लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार है.

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