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डॉक्टरों के विरोध में शामिल हुईं अपर्णा सेन, बोलीं- अब कोई अवार्ड नहीं लूंगी

अपर्णा सेन ने कहा है कि डॉक्टरों के साथ हुई इस हिंसा के विरोध मैं राज्य सरकार से कोई भी अवार्ड नहीं लूंगी. अपर्णा सेन को कभी ममता बनर्जी का करीबी माना जाता था.

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अपर्णा सेन (फाइल फोटो)
अपर्णा सेन (फाइल फोटो)

पश्चिम बंगाल के कोलकाता से शुरू हुई डॉक्टरों की हड़ताल अब पूरे देश में फैल रही हैं. दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और केरल तक के शहरों में डॉक्टर सड़कों पर उतर आए हैं. एक्ट्रेस और फिल्म मेकर अपर्णा सेन भी डॉक्टरों के विरोध में शामिल हो गई हैं.

अपर्णा सेन ने कहा है कि डॉक्टरों के साथ हुई इस हिंसा के विरोध मैं राज्य सरकार से कोई भी अवार्ड नहीं लूंगी. अपर्णा सेन को कभी ममता बनर्जी का करीबी माना जाता था.अपर्णा ने बंगाल की वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ अभियान चलाया था और परिवर्तन का नारा दिया था.

क्या है पूरा मामला

कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दो डॉक्टरों पर हमले के विरोध में पश्चिम बंगाल में मंगलवार से ही जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं. इस संकट के तीन दिन बीच चुके हैं. चौथे दिन भी कुछ बदला नहीं है. राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में तनाव बरकरार है.

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कोलकाता, बर्दवान, मालदा, मिदनापुर के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और मरीजों के परिजनों में ऐसी मारपीट और भागमभाग मची कि मानो ये जिंदगी बचाने की जगह नहीं बल्कि जान लेने का कुरुक्षेत्र बन गया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद गुरुवार को SSKM पहुंचीं. मरीजों के परिजनों से मुलाकात की.

ममता ने डॉक्टरों को दिया था अल्टीमेटम

ममता बनर्जी ने डॉक्टरों को अल्टीमेटम दिया था कि जल्द काम पर लौटें नहीं तो सरकार एक्शन लेगी, लेकिन जूनियर डॉक्टरों ने बगैर परवाह किए हड़ताल जारी रखा है. अब तो ममता के बयान से नाराजगी जताते हुए डॉक्टर माफी की मांग कर रहे हैं.

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