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बिप्लब देब बने त्रिपुरा के सीएम, चलो पलटाई के नारे से बदल दी सरकार

त्रिपुरा में आज भारतीय जनता पार्टी की नई सरकार ने शपथ ली. 25 साल के लेफ्ट राज को खत्म कर पहली बार राज्य में बीजेपी की सरकार बनी है. इस जीत के हीरो रहे प्रदेश अध्यक्ष बिप्लब देब, जिन्हें मुख्यमंत्री चुना गया है. बिप्लब के अलावा जिष्णु देव वर्मा उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

बिप्लब देब (फाइल फोटो) बिप्लब देब (फाइल फोटो)

त्रिपुरा में आज भारतीय जनता पार्टी की नई सरकार ने शपथ ली. 25 साल के लेफ्ट राज को खत्म कर पहली बार राज्य में बीजेपी की सरकार बनी है. इस जीत के हीरो रहे प्रदेश अध्यक्ष बिप्लब देब, जिन्हें मुख्यमंत्री चुना गया है. बिप्लब के अलावा जिष्णु देव वर्मा उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

बिप्लब देब युवा चेहरा हैं और चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने काफी मेहनत भी की. जिसका उन्हें फायदा भी मिला. सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले बिप्लब देब का जन्म 25 नवम्बर 1971 को गोमती जिले के राजधर नगर के एक मध्यम वर्ग परिवार में हुआ था. बिप्लव देब ने ग्रेजुएशन तक त्रिपुरा में ही रहकर पढ़ाई की.

बिप्लब के पिता हर्धन देव जनसंघ के स्थानीय नेता थे. बिप्लब देब स्नातक की अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद आरएसएस में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हो गए. 48 वर्षीय नेता ने लगभग 16 वर्षों तक संघ में काम किया. बिप्लब देब ने संघ के दो प्रमुख नेताओं गोविंदाचार्य और कृष्णगोपाल शर्मा के मार्गदर्शन में काम किया.

आपको बता दें कि 2000 में झारखंड के धनबाद की तत्कालीन सांसद प्रो. रीता वर्मा केंद्र में मंत्री बनीं, गोविंदाचार्य के कहने पर बिप्लब कुमार देब ने उनके साथ काम किया.

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वह 2015 में त्रिपुरा लौट आए और भाजपा के केंद्रीय जन सम्पर्क प्रमुख का प्रभार संभाला. उन्हें छह जनवरी 2016 को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष घोषित कर दिया गया. उन्होंने सुधींद्र दासगुप्ता का स्थान लिया. बिप्लब देब की पत्नी नीति भारतीय स्टेट बैंक में अधिकारी हैं. उनका एक बेटा और बेटी है.

बिप्लब देब ने त्रिपुरा की बनामालीपुर सीट से जीत हासिल की. इस विधानसभा चुनाव में प्रभारी सुनील देवधर के साथ बिप्लब पूरे चुनावों का नेतृत्व करते रहे. हाल ही में उन्होंने अगरतला से चुनाव लड़ रहे प्रदेश के दिग्गज नेता सुदीप रॉय बर्मन और कांग्रेस विधायकों को पार्टी में शामिल करने में अहम भूमिका निभाई थी.

बता दें कि उन्हें 7 जनवरी 2016 में प्रदेश बीजेपी की कमान सौंपी गई थी. साथ ही उन्होंने बीजेपी के 'चलो पलटाई' अभियान के जरिए प्रदेश में बीजेपी का प्रचार करने में अहम भूमिका निभाई थी.

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