scorecardresearch
 

ई-रिक्शा के लिए जंतर-मंतर पर रैली कर रहे केजरीवाल

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ई-रिक्शा के मुद्दे को लेकर बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर रैली करने जा रहे हैं. ई-रिक्शा चलाने वालों को राहत दिलाने के नाम पर बीजेपी और AAP, दोनों ही क्रेडिट लेने की होड़ में शामिल दिख रही है.

अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो) अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ई-रिक्शा के मुद्दे को लेकर बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर रैली करने जा रहे हैं. ई-रिक्शा चलाने वालों को राहत दिलाने के नाम पर बीजेपी और AAP, दोनों ही क्रेडिट लेने की होड़ में शामिल दिख रही है.

दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने पिछले महीने भी केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की थी. गडकरी पहले ही ई-रिक्शा पर से बैन हटवाने का वादा कर चुके हैं.

ई-रिक्शा के लिए मंजूरी लेने की राशि में छूट की मांग
दरअसल, ई-रिक्शे पर सरकारी नोटिफिकेशन से निराश आम आदमी पार्टी ने सड़कों पर इस गाड़ी को चलाने की मंजूरी लेने के लिए चुकाई जाने वाली राशि में छूट देने की मांग की है. पार्टी ने कहा है कि नई अधिसूचना के तहत कम से कम 8 से 10 तरह के ऐसे पहलू हैं, जिसके लिए वाहन को चलाने से पहले मंजूरी लेने की आवश्यकता होगी. वाहन को चलाने की मंजूरी के लिए लगभग 5 लाख रुपये का खर्च आएगा.

पार्टी ने कहा है कि अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि इसे चलाने की मंजूरी लेने की जिम्मेदारी ई-रिक्शा चालकों के संघ पर होगी, लेकिन ई-रिक्शा चालकों का कोई भी संघ नहीं है. पार्टी का कहना है कि सरकार को ऐसे रास्ते की तलाश करनी चाहिए, जिससे ई-रिक्शा के लिए मंजूरी मिलने की प्रक्रिया आसान हो सके.

पार्टी का मानना है कि ई-रिक्शा चालकों के लिए इतनी बड़ी राशि का खर्च वहन करना असंभव है. सरकार को मंजूरी लेने के लिए चुकाई जाने वाली राशि में छूट देनी चाहिए और अधिसूचना में भी संशोधन करना चाहिए.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें