scorecardresearch
 

करतारपुर कॉरिडोर: आज से रजिस्ट्रेशन शुरू, 5 नवंबर को जाएगा पहला जत्था

करतारपुर कॉरिडोर के लिए तीर्थयात्रियों का ऑनलाइन पंजीकरण की शुरूआत से आज होगी. हाल ही में लॉन्च वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं.

श्रद्धालुओं का पहला जत्था 5 नवंबर को होगा रवाना (तस्वीर-IANS) श्रद्धालुओं का पहला जत्था 5 नवंबर को होगा रवाना (तस्वीर-IANS)

  • तीर्थयात्रियों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन आज से शुरू
  • 550वीं जयंती के लिए पहला जत्था 5 नवंबर को होगा रवाना

करतारपुर कॉरिडोर के लिए तीर्थयात्रियों का ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू हो रहा है. हाल ही में लॉन्च वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं. सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था 5 नवंबर और दूसरा जत्था 6 नवंबर को रवाना होगा.

भारतीय सिख तीर्थयात्रियों के लिए अगले महीने करतारपुर कॉरिडोर खोल दिए जाने की संभावना है. भारत और पाकिस्तान के बीच श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए शुल्क को लेकर विवाद बना हुआ है.

गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान सभी तीर्थयात्रियों से 20 डॉलर का शुल्क लेने पर जोर दे रहा है. हमने पाकिस्तान से तीर्थयात्री के लिए ऐसा नहीं करने की मांग की है.

रवीश कुमार ने कहा था कि करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भारत और पाकिस्तान सेवा शुल्क को छोड़कर अन्य सभी मुद्दों पर सहमत हो गए हैं. हमें उम्मीद है कि इस समझौते का समापन और शानदार आयोजन के लिए समय पर हस्ताक्षर किया जा सकता है.

सुविधा शुल्क पर सहमति नहीं

बता दें कि पाकिस्तान हर श्रद्धालु से 20 अमेरिकी डॉलर यानी 1428 रुपये वसूलने पर अड़ा हुआ है. भारत सरकार पाकिस्तान से कई बार इस एंट्री फीस को न वसूलने की अपील कर चुका है, लेकिन पड़ोसी देश को इस बात की कोई परवाह नहीं है. भारत का कहना है कि यह भावनाओं का मामला है और इसको लेकर कोई शुल्क नहीं ली जानी चाहिए.

पिछले महीने पाकिस्तान की ओर से ऐलान किया गया कि भारतीय सिख तीर्थयात्रियों के लिए करतारपुर कॉरिडोर 9 नवंबर को खोल दिया जाएगा. लाहौर से करीब 125 किलोमीटर दूर नरोवाल में प्रस्तावित करतारपुर कॉरिडोर के लिए स्थानीय और विदेशी पत्रकारों की पहली यात्रा के दौरान इसको लेकर घोषणा की गई.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें