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रेल हादसे हैं आतंकी साजिश? मोदी के बयान से सहमत नहीं UP के ये अफसर

यूपी की रेलवे पुलिस के चीफ गोपाल गुप्ता ने बताया कि कानपुर के पास इंदौर-पटना एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतरने के पीछे आतंकी साजिश नहीं थी. गुप्ता का दावा था कि ये रेललाइन की खराब हालत का नतीजा था और दुर्घटनास्थल से विस्फोटकों का कोई सबूत नहीं मिला है.

क्या आतंकी साजिश का नतीजा हैं हालिया ट्रेन हादसे? क्या आतंकी साजिश का नतीजा हैं हालिया ट्रेन हादसे?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपी के लोगों को ये बताने से नहीं चूक रहे हैं कि रेल की पटरियों पर भी दहशत का साया बरकरार है और कानपुर ट्रेन हादसे की वजह आतंकी साजिश थी. लेकिन उत्तर प्रदेश रेलवे पुलिस की राय कुछ अलग है.

'आतंकी साजिश का सबूत नहीं'
मंगलवार को रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये देश के सभी राज्यों की रेलवे पुलिस के महानिदेशकों की बैठक बुलाई थी. बैठक में यूपी की रेलवे पुलिस के चीफ गोपाल गुप्ता ने बताया कि कानपुर के पास इंदौर-पटना एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतरने के पीछे आतंकी साजिश नहीं थी. गुप्ता का दावा था कि ये रेललाइन की खराब हालत का नतीजा था और दुर्घटनास्थल से विस्फोटकों का कोई सबूत नहीं मिला है.

सूत्रों की मानें तो जिस वक्त गोपाल गुप्ता ने ये बातें कहीं, सुरेश प्रभु बैठक में मौजूद नहीं थे. हालांकि रेलवे के दूसरे आला अधिकारी उनकी बात को काट नहीं पाए. बाद में गुप्ता ने भी मीडिया के सामने सफाई पेश की. उनका कहना था कि रेलवे ने सिर्फ शुरुआती जांच की थी और आगे की पड़ताल एनआईए के जिम्मे है.

सरकार का दावा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते शुक्रवार को गोंडा में एक चुनावी रैली के दौरान दावा किया था कि कानपुर में ट्रेन हादसे के पीछे आतंकियों का हाथ था. उन्होंने गोंडा के लोगों को इस तरह की आतंकी साजिश से सचेत रहने के लिए भी कहा था. इससे पहले रेलमंत्री भी आशंका जता चुके हैं कि देश में हुए कुछ हालिया रेल हादसे आतंकियों की करनी हो सकते हैं. फिलहाल एनआईए इस मामले की जांच कर रही है.

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