बीते 9 फरवरी को जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी के बाद देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने बुधवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में अपना बयान दिया.
कन्हैया ने कहा कि वह देश के संविधान में विश्वास रखता है. उसे भारत की एकता और अखंडता पर पूरा भरोसा है और वह इसमें अपना योगदान देगा. कन्हैया ने बताया देश की एकता को भंग करने वाले किसी भी कार्य के समर्थन में नहीं है.
असंवैधानिक नारों के पक्ष में नहीं
कन्हैया ने 9 फरवरी को घटित घटना की निंदा करते हुए बताया कि जेएनयू में कुछ बाहरी और अंदर के लोगों ने लगाए. छात्र संघ अध्यक्ष ने बताया कि वह इन नारों का विरोध करता है.
's appeal (tweeted by Delhi Police Commissioner BS Bassi)
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जेएनयू में मौजूद थे बाहरी लोग
घटना का वीडियो देखने के बाद कन्हैया को पता चला कि लगने के दौरान जेएनयू में कुछ बाहरी लोग मौजूद थे. कन्हैया ने सभी से देश, समाज और शिक्षण संस्थानों में शांति बनाए रखने की अपील की है. कन्हैया ने कोर्ट में अपना बयान हिंदी में दिया.
made his statement in Hindi in Patiala House Court.
— ANI (@ANI_news)
बिहार का रहने वाला है कन्हैया
बिहार का स्थाई निवासी पीएचडी कर रहा है. यह उसके पीएचडी का तीसरा साल है. कन्हैया 'सोशल ट्रांसफॉरमेशन इन साउथ अफ्रीका 1994-2015' विषय पर रिसर्च कर रहा है. अपनी अपील में कन्हैया ने कहा कि वह संविधान की प्रस्तावना को लागू करने में अपना योगदान देना चाहता है.
14 दिन की न्यायिक हिरासत में कन्हैया
गौरतलब है कि बुधवार को कन्हैया की पेशी के बाद उसे में भेज दिया गया है. कन्हैया 2 मार्च, 2016 तक हिरासत में रहेगा. कोर्ट रूम में कन्हैया ने यह भी बताया कि कोर्ट परिसर में भीड़ ने उस पर हमला किया था.