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सुप्रीम कोर्ट में अपने आखिरी कार्यदिवस पर CJI के साथ बैठे जस्टिस चेलमेश्वर

न्यायमूर्ति चेलमेश्वर ने 12 जनवरी को 3 अन्य वरिष्ठतम न्यायाधीशों के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेस की थी. इस प्रेस कांफ्रेंस में न्यायालय में मुकदमों के आबंटन और इसके कामकाज को लेकर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाये गये थे.

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जस्टिस चेलमेश्वर (Getty Images) जस्टिस चेलमेश्वर (Getty Images)

सुप्रीम कोर्ट के दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश जे चेलमेश्वर ने शुक्रवार को अपने अंतिम कार्यदिवस पर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के साथ पीठ साझा की. शीर्षअदालत की परंपरा है कि सेवानिवृत्त हो रहे न्यायाधीश अपने कार्यकाल के अंतिम दिन प्रधान न्यायाधीश के साथ पीठ में बैठते हैं.

सुप्रीम कोर्ट में ग्रीष्मावकाश से पहले का आज अंतिम कार्य दिवस है और चूकि न्यायमूर्ति चेलमेश्वर इसी दौरान 22 जून को रिटायर हो रहे हैं, इसलिए आज वह कोर्ट नंबर-1 में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ के साथ पीठ में बैठे.

न्यायमूर्ति चेलमेश्वर ने 12 जनवरी को 3 अन्य वरिष्ठतम न्यायाधीशों के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेस की थी. इस प्रेस कांफ्रेंस में न्यायालय में मुकदमों के आबंटन और इसके कामकाज को लेकर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाये गये थे. इसके बाद दोनों जजों के बीच कड़वाहट काफी बढ़ी हुई मानी जा रही थी.

चीफ जस्टिस के कक्ष में आज वकीलों के अलावा बड़ी संख्या में मुद्दई और अन्य लोग भी मौजूद थे. कोर्ट में आज मामलों को शीघ्र सुनवाई के लिये सूचीबद्ध करने और अन्य तरह की राहत के लिये किसी भी मामले का उल्लेख नहीं किया गया.

यह विशेष पीठ थोड़ी देर के लिए ही बैठी और सवा ग्याहर बजे तीनों जजों की पीठ उठ गई. वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव दत्ता, वकील प्रशांत भूषण और गोपाल शंकरनारायणन ने न्यायमूर्ति चेलमेश्वर के सम्मान में इस अवसर पर संक्षिप्त भाषण भी दिया. न्यायमूर्ति चेलमेश्वर ने दोनों हाथ जोड़कर सभी से विदा ली.

इससे पहले, न्यायमूर्ति चेलमेश्वर ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पारंपरिक विदाई समारोह में शामिल होने का उसका आमंत्रण अस्वीकार कर दिया था.

जोसेफ की पैरवी में सबसे आगे

उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट में लाए जाने को लेकर भी जस्टिस चेलमेश्वर ने सीजेआई को चिट्ठियां लिखी हैं. हाल ही में उन्होंने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद की दलीलों को खारिज करते हुए चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के नाम लिखे पत्र में जोर दिया है कि कोलेजियम अपनी सिफारिश पर कायम रहते हुए दोबारा जस्टिस जोसेफ का नाम केंद्र सरकार को भेजा जाए.

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