राजस्थान में जोधपुर के चामुंडा देवी मंदिर 30 सितंबर को हुए हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 224 तक पहुंच गई है. पुलिस के अनुसार मृतकों की संख्या बढ़ने का एक कारण यह है कि कई घायलों को उनके घरवाले अपने साथ ले गए थे जिनकी बाद में मृत्यु हो गई. जोधपुर के आईजी ने राजीव दसोत ने बताया कि हमलोगों ने दो दिनों तक सर्वे किया जिसमें मृताकों की संख्या हमारे पहले के अनुमान से अधिक निकली.
जोधपुर के कमिश्नर किरण सोनी गुप्ता ने मीडियाकर्मियों से कहा कि कुछ मृतकों का पंजीकरण पहले अस्पतालों में नहीं हो पाया था. साथ ही हादसे से पीडि़त कुछ लोग पंजाब, हरियाणा और गुजरात के भी हैं. इस बीच कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने बुधवार को जोधपुर का दौरा किया. उन्होंने अस्पतालों में घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने उस स्थान का भी मुआयना किया, जहां भगदड़ मच जाने से सैंकड़ों लोगों की मौत हो गई थी.
गौरतलब है कि बीते मंगलवार को नवरात्र के पहले चामुंडा देवी मंदिर के माता के दर्शनों के लिए 10000 से भी अधिक लोग जमा थे जब यह हादसा हो गया.