जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) प्रशासन ने दिल्ली के हिंसा पीड़ितों को आश्रय देने के खिलाफ छात्र संघ को चेतावनी दी है. शुक्रवार को जारी नोटिस में जेएनयू के रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार ने ऐसे किसी भी प्रयास में शामिल छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है.
नोटिस में कहा गया कि जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) को कोई कानूनी अधिकार नहीं है कि वो यूनिवर्सिटी कैम्पस को आश्रय स्थल बनाए.
नोटिस के मुताबिक, 'आपको (जेएनयू छात्रसंघ) ऐसी किसी भी गतिविधि के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी जाती है. इसमें विफल रहने पर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. जेएनयू छात्रसंघ को यह भी सलाह दी जाती है कि जेएनयू जैसे शैक्षणिक संस्थान को अध्ययन और अनुसंधान के लिए एक जन्मजात स्थान बनाए रखने की आवश्यकता को बनाए रखें.'
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नोटिस के अनुसार, "जेएनयू प्रशासन को कैंपस में रहने वाले कई लोगों के फोन आए थे, उनका कहना था कि जेएनयूएसयू के इस कदम की वजह से वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. छात्र संघ को चेतावनी दी जाती है कि JNU परिसर में रहने वालों को हुई किसी भी असुविधा या असुरक्षा के लिए उन्हें ही जिम्मेदार ठहराया जाएगा."
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इस बीच, दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के छात्रों ने सांप्रदायिक सद्भाव के लिए परिसर में शांति मार्च निकाला. कई छात्रों ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा के पीड़ितों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए कक्षाओं का बहिष्कार किया, जिसमें कम से कम 41 लोगों के मारे जाने और अब तक 200 से अधिक घायल होने का दावा किया गया है.