गुजरात के चर्चित दलित नेता और निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी को एक स्थानीय कॉलेज में मुख्य अतिथि बनाने का कार्यक्रम रद्द होने से यह मामला विवाद में आ गया. इस कॉलेज के ट्रस्टीज को मेवाणी को बुलाए जाने के विरोध में धमकियां मिलने के बाद कॉलेज ने सोमवार को अपना वार्षिक समारोह रद्द कर दिया.
ट्रस्ट के फैसले की आलोचना करते हुए इसके प्राचार्य हेमंत शाह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने दावा किया कि कॉलेज के ट्रस्ट ने 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से समझौता' किया और एक राजनीतिक पार्टी के छात्र नेताओं की धमकियों के कारण ऐसा किया गया. यह मामला एचके आर्ट्स कॉलेज का है जिसे ब्रह्मचारी वेदी ट्रस्ट संचालित करता है.
बता दें कि जिग्नेश मेवाणी इसी कॉलेज के पूर्व छात्र हैं. कॉलेज के ट्रस्ट ने परिसर में स्थित सभागार में प्रवेश करने से इनकार कर दिया, जिसके कारण कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा.
इस घटनाक्रम के बाद मेवाणी ने ट्वीट किया, 'भाजपा के गुंडों द्वारा दी गई धमकियों के कारण एचके आटर्स कॉलेज, अहमदाबाद के ट्रस्टीज ने उस वार्षिक समारोह को रद्द कर दिया, जहां मुझे मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था. बाबा साहेब (अंबेडकर) के जीवन और मिशन के बारे में बात करने जा रहा था. प्राचार्य हेमंत शाह को सलाम जिन्होंने नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दिया.'
उन्होंने ट्रस्टीज पर भाजपा और उसकी छात्र इकाई एबीवीपी की 'गुंडागर्दी के खिलाफ नहीं खड़े होने' का आरोप लगाया और कहा कि 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र के लिए यह एक शर्मनाक दिन है.'Since @narendramodi became prime minister, many people have become spineless. Trustees of H.k. Arts college where I studied fall in that category, unfortunately. I salute toiling masses who always dare to take on mighty governments unlike many ppl with so called celebrated status
— Jignesh Mevani (@jigneshmevani80) February 11, 2019
H K Arts College with prominent trustees like B V Doshi, R Chaudhary & K Desai (all Padma Awardees) are not standing up against the hooliganism of BJP and its student wing. This is a shameful day for freedom of speech and democracy. Strongly condemn this move. @CMOGuj shame on u
— Jignesh Mevani (@jigneshmevani80) February 11, 2019उन्होंने कहा, 'जब से नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, कई लोग दुर्बल बन गए है. दुर्भाग्यवश, इस कॉलेज के ट्रस्टी इस श्रेणी में आ गये है.' कई बार प्रयास किए जाने के बावजूद ट्रस्ट के सचिव अमरीश शाह से इस संबंध में प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी. अपने इस्तीफे में प्राचार्य शाह ने कहा कि एक राजनीतिक पार्टी से संबंधित छात्र नेताओं द्वारा दी गई धमकियों के दबाव में ट्रस्टी आ गए. ट्रस्टियों ने अभिव्यक्ति की आजादी से समझौता किया.
शाह ने कहा कि मेवाणी को आमंत्रित करने का उनका निर्णय गलत नहीं था, क्योंकि इससे पहले भी विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को कॉलेज के कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाता रहा है. उन्होंने कहा कि कुछ छात्र नेताओं ने धमकी दी थी कि अगर मेवाणी को आमंत्रित किया गया तो समारोह में व्यवधान उत्पन्न किया जाएगा.
(PTI से इनपुट के साथ)