पश्चिम बंगाल में टाटा मोटर्स की नैनो परियोजना के जमीन विवाद के बाद अब विश्व की स्टील सरताज कंपनी आर्सेलर मित्तल को भी झारखंड में जमीन विवाद से जूझना पड़ रहा है.
झारखंड के खूंटी जिले में आर्सेलर मित्तल ने अपने ग्रीनफील्ड स्टील परियोजना के लिए एक जमीन चुनी थी. इस परियोजना के लिए लगभग 11000 एकड़ जमीन की जरूरत है, जिसमें से 8800 एकड़ जमीन पर 1 करोड़ 20 लाख टन का एक स्टील प्लांट लगाया जाना है और 2400 एकड़ जमीन पर आवास बनाए जाएंगे.
इस हफ्ते के शुरुआत में आदिवासी मूलवासी अस्तित्व रक्षा मंच (एएमएआरएम) नाम के संगठन ने इस जमीन अधिग्रहण का विरोध किया. 15 अक्टूबर को आर्सेलर मित्तल के प्रतिनिधियों ने गांव वालों की ओर से विरोध करने वाले कुछ लोगों को पकड़ लिया, इसके बाद से ही आंदोलन और तेज हो गया.
गांववालों के बीच विरोध से संबंधित लगभग 15000 पर्चियां बांटी गई हैं. एममएआरएम के एक सदस्य दयामणि बारला ने कहा कि किसानों को अनाज की जरूरत है ना कि स्टील की. हम गांव वालों की आवज को मजबूत कर रहे हैं.