एआईएडीएमके की महासचिव जयललिता भी श्रीलंका के तमिलों के समर्थन में खुलकर सामने आ गई हैं. अपने चुनावी घोषणापत्र में जयललिता ने तमिल ईलम का समर्थन किया है.
श्रीलंका मे तमिलों के अलग राष्ट्र की मांग को अब एआईएडीएमके का भी समर्थन मिल गया है. पार्टी महासचिव जयललिता ने पहली बार अपने चुनावी घोषणापत्र में तमिलों के अलग राष्ट्र की मांग को समर्थन देने का ऐलान किया है. घोषणापत्र में ये साफ कहा गया है कि तमिलों के लिए अलग राष्ट्र ही श्रीलंका में चल रहे संघर्ष का एकमात्र हल है.
जयललिता ने कहा कि जब परिस्थितियां बद से बदतर हो रहीं हों तो फिर लोकतांत्रिक हल के बारे में पूछना बेमानी है. यह केवल आंखों का धोखा भर है. श्रीलंका सरकार का कोई इरादा नहीं है कि वह तमिलों को समान अधिकार दे. श्रीलंकाई सरकार पूरे तमिल मूल को खत्म करना चाहती है. इसका कोई समाधान निकालना जरूरी है. तमिल ईलम को पूर्ण अलग कर इसका हल निकाला जा सकता है. अगर आप मुझे वोट देंगे तो मैं निश्चित रूप से इस ओर काम करूंगी.
दरअसल चुनाव के मौसम में हर राजनीतिक पार्टी श्रीलंका में तमिलों के मुद्दे को भुनाना चाहती है. जयललिता भी तमिल वोटों को किसी भी कीमत पर गंवाना नहीं चाहती इसलिए उन्होंने चुनाव से पहले तमिल ईलम का चारा फेंका है.