दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में तीस घंटे तक चली मुठभेड़ में सेना का एक अधिकारी शहीद हो गया और हिज्बुल मुजाहिदीन के चार आतंकवादी मारे गए. पिछले 8 दिनों में यह दूसरा बड़ा अभियान है.
पुलिस ने बताया कि गोलीबारी बुधवार को उस समय शुरू हुई जब श्रीनगर से 40 किलोमीटर दूर मोहल्ला दादासर इलाके में छिपे आतंकवादियों ने पुलिस और 42वीं राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों की मिली जुली तलाशी टीम पर गोलीबारी की. पुलिस के अनुसार मुठभेड़ में कैप्टन दीपक शर्मा की मौत हो गई.
इस दौरान तीन जवान और एक पुलिसकर्मी घायल हुआ. मुठभेड़ के बाद तलाशी अभियान के दौरान तीन मकानों से चार आतंकवादियों के शव मिले. इनमें से तीन की पहचान मिढा, शाबिर और खालिद के तौर पर हुई है. रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जे एस बरार ने बताया कि ये दक्षिणी कश्मीर में हिज्बुल मुजाहिदीन के शीर्ष कमांडर हैं. बरार ने बताया कि मिढा और शाबिर पिछले 15 सालों से आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े हुए थे. मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए कैप्टन शर्मा हरियाणा में रोहतक के रहने वाले थे.
उन्हें सितंबर 2006 में कोर आफ सिगनल्स में कमीशन मिला और पिछले 8 दिनों में कश्मीर में मारे गए वह दूसरे सैनिक अधिकारी हैं. घनी आबादी वाले इस इलाके में हुई मुठभेड़ में सेना के तीन जवान और एक पुलिसकर्मी घायल हुए. इलाके से आतंकवादियों को खदेड़ने के अभियान को बुधवार रात खराब मौसम के कारण रोक दिया गया था. गुरुवार सुबह यह दोबारा शुरू हुआ और दोपहर तक दोनो तरफ से गोलियां चलती रहीं. गोलीबारी का सिलसिला शाम चार बजे बंद हुआ और घायल सुरक्षाकर्मियों को सेना के बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया.
प्रवक्ता ने बताया कि इलाके में कट्टर आतंकवादियों के छिपे होने की पक्की सूचना मिलने के बाद यह अभियान चलाया गया था. पिछले महीने की 24 तारीख को उत्तरी कश्मीर के सोपोर कस्बे में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में कैप्टर दविन्दर सिंह जस की मौत हो गई थी. इस दौरान तीन अन्य सैनिकों और दो आतंकवादियों की भी मृत्यु हो गई थी.