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इसरो ने किया IRNSS 1C का सफल प्रक्षेपण, सेटेलाइट कक्षा में स्थापित

अमेरिका के ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम के अनुरूप क्षेत्रीय नौवहन प्रणाली स्थापित करने के उद्देश्य से भेजे जाने वाले सात उपग्रहों की सीरीज इंडियन रीजनल नेविगेशनल सैटेलाइट सिस्टम (IRNSS) के तीसरे उपग्रह IRNSS 1C का बुधवार देर रात श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफल प्रक्षेपण किया गया.

IRNSS 1C का सफल प्रक्षेपण IRNSS 1C का सफल प्रक्षेपण

अमेरिका के ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम के अनुरूप क्षेत्रीय नौवहन प्रणाली स्थापित करने के उद्देश्य से भेजे जाने वाले सात उपग्रहों की सीरीज ‘इंडियन रीजनल नेविगेशनल सैटेलाइट सिस्टम’ (IRNSS) के तीसरे उपग्रह IRNSS 1C का बुधवार देर रात श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफल प्रक्षेपण किया गया.

इसरो का पीएसएलवी सी26 श्रीहरिकोटा से अपने साथ नौवहन उपग्रह IRNSS 1C को लेकर रवाना हुआ. पीएसएलवी सी26 ने कुल 1,425 किलोग्राम वजन वाले नौवहन उपग्रह IRNSS 1C को उसकी निर्दिष्ट कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया.

पूर्व में इसे 10 अक्टूबर को तड़के 1 बजकर 56 मिनट पर भारतीय रॉकेट पीएसएलवी सी26 की 28वीं उड़ान से प्रक्षेपित किया जाना था. लेकिन तकनीकी कारणों के चलते प्रक्षेपण की तारीख आगे बढ़ा दी गई. इसरो ने अमेरिका के ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम के अनुरूप क्षेत्रीय नौवहन प्रणाली स्थापित करने के उद्देश्य से सात उपग्रहों की सीरीज भेजने का फैसला किया है.

‘इंडियन रीजनल नेविगेशनल सैटेलाइट सिस्टम’ (IRNSS) सीरीज के पहले दो उपग्रह IRNSS 1A और IRNSS 1B का प्रक्षेपण 01 जुलाई 2013 को और इस साल 04 अप्रैल को श्रीहरिकोटा से किया गया था.

इनपुट: भाषा

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