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नीरव मोदी को रेड कॉर्नर नोटिस पर इंटरपोल ने भारतीय एजेंसियों से पूछे सवाल

मनी लॉड्रिंग मामले में अदालत की ओर से जारी गैर-जमानती वारंट के आधार पर ईडी ने नीरव मोदी के खिलाफ इंटरपोल वारंट जारी करने की मांग की थी. ईडी ने इस बाबत सीबीआई के पास अपना अनुरोध भेजा था ताकि फ्रांस के ल्योन स्थित इंटरपोल मुख्यालय के सामने यह मुद्दा उठाया जा सके.

नीरव मोदी नीरव मोदी

भारत ने बैंकों से धोखाधड़ी के मामले में फरार नीरव मोदी के खिलाफ कार्रवाई के लिए फरवरी महीने में इंटरपोल का रुख किया था. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत के बाद सीबीआई ने 13,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के पीएनबी घोटाले के सिलसिले में नीरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए इंटरपोल से अपील की थी. 

दरअसल मनी लॉड्रिंग मामले में अदालत की ओर से जारी गैर-जमानती वारंट के आधार पर ईडी ने नीरव मोदी के खिलाफ इंटरपोल वारंट जारी करने की मांग की थी. ईडी ने इस बाबत सीबीआई के पास अपना अनुरोध भेजा था ताकि फ्रांस के ल्योन स्थित इंटरपोल मुख्यालय के सामने यह मुद्दा उठाया जा सके.

जिसके बाद सीबीआई इंटरपोल से नीरव मोदी के नाम रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए कहा था. जिसके बाद फ्रांस के ल्योन स्थित इंटरपोल मुख्यालय ने भारत की अपील पर नीरव मोदी को रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने से जुड़े सवाल-जवाब नई दिल्ली को भेजा है. इंटरपोल ने नीरव मोदी मामले से जुड़े दस्तावेजों को भारत से चार भाषाओं में देने को कहा है. इस प्रक्रिया के बाद नीरव मोदी पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ जाएगा.

इसके अलावा इंटरपोल ने नीरव मोदी के मुद्दे पर करीब 8 प्वाइंट्स में सवाल पूछे हैं. जिसमें लगाए गए आरोपों में नीरव मोदी की भूमिका बताने को कहा गया है. इसके अलावा केस से जुड़े अन्य मुद्दों पर सवाल भी पूछे गए हैं.

इससे पहले इंटरपोल भारत के कहने पर कई लोगों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर चुका है. जिसमें ललित मोदी और विजय माल्या का भी नाम है. इन दोनों को भारत को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का केस देश में चल रहा है.

गौरतलब है कि नीरव मोदी की पत्नी अमेरिकी नागरिक है. वहीं नीरव मोदी के हांगकांग में होने की बात कही जा रही है. जिसके बाद भारत ने हांगकांग से नीरव मोदी को गिरफ्तार करने को कहा है. भारत और हांगकांग के बीच भगोड़े अपराधियों को सौंपने को लेकर समझौता है.

रेड कॉर्नर के बारे में

किसी आपराधिक मामले की जांच के सिलसिले में प्रत्यर्पण या ऐसी ही कानूनी कार्रवाई के सिलसिले में वांछित लोगों के ठिकाने का पता लगाने और उनकी गिरफ्तारी के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जाता है. एक बार रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो जाने के बाद इंटरपोल दुनिया के किसी भी कोने से संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तार करने की कोशिश करती है और उस देश को उसे हिरासत में लेने के बारे में अधिसूचित करती है ताकि उनकी ओर से आगे की कार्रवाई की जा सके.

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