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इंडिगो और गोएयर को DGCA की चेतावनी, खराब विमानों को सुधारो वरना होगी कार्रवाई

पिछले हफ्ते भी इंडिगो को इसके ​16 विमानों के इंजन बदलने का निर्देश दिया गया था. इंडिगो भारत की सबसे बड़ी घरेलू विमानन सेवा है, जिसके बेड़े में 245 विमान हैं. इनमें से 89 A320 नियो एयरक्राफ्ट हैं. इनके इंजनों में बार-बार खराबी आने का मामला सामने आया है.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

  • नागर विमानन महानिदेशालय ने सुधार के लिए जारी की गाइडलाइन
  • तकनीकी खराबी वाले 23 विमानों को 19 नवंबर तक का समय

नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने दो निजी एयरलाइंस कंपनी गोएयर और इंडिगो को चेतावनी दी है कि उनके बेड़े में शामिल तकनीकी खराबी वाले 23 विमानों को 19 नवंबर तक ठीक किया जाए, वरना इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. DGCA ने शुक्रवार को गाइडलाइन जारी करते हुए कहा कि सुधार न करने की हालत में इन विमानों की उड़ानें घटा दी जाएंगी या फिर इन्हें बंद कर दिया जाएगा.

तकनीकी खराबी को लेकर निर्देश

एक हफ्ते के अंदर चार बार लगातार तकनीकी खराबी आने और 7 और विमानों के 'खराब हालत' में होने का मामला सामने आने के बाद DGCA ने दोनों विमानन कंपनियों को चेतावनी दी है तकनीकी खराबी वाले विमानों को अगर 19 नवंबर तक ठीक नहीं किया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

DGCA ने यह भी कहा है कि विमान कंपनियों के बेड़े में शामिल सभी विमानों जो फिलहाल उड़ान भर रहे हैं, 31 जनवरी तक संशोधित इंजनों के साथ उन्हें बिल्कुल सही हालत में होना चाहिए. अगर कंपनी ने ऐसा नहीं किया तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा.

नई गाइडलाइन जारी करते हुए DGCA ने कहा, 'विमानन कंपनियों को नये इंजन और उनके संशोधन को लेकर नये दिशानिर्देश जारी किए गए हैं. तकनीकी खराबी वाले 16 विमानों में कम से कम एक मोडिफाइड LPT (लो प्रेशर टरबाइन) इंजन होने चाहिए.

यह 12 नवंबर तक सुनिश्चित किया जाए. इसके अलावा 7 और विमान इसी श्रेणी में पाए गए हैं, जिनके लिए 7 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया है. विमानों में तकनीकी खराबी दूर करने का यह काम 19 नवंबर, 2019 तक पूरा हो जाना चाहिए.'

इंजनों में खराबी का मामला

DGCA ने कहा कि इन 23 विमानों में से जिनमें कम से कम एक LPT मोडिफाइड इंजन नहीं होंगे, उन्हें कमर्शियल उड़ानों की इजाजत नहीं दी जाएगी और उनकी उड़ान भी घटा दी जाएगी. पिछले हफ्ते उड़ान के बीच में ही विमानों में तकनीकी खराबी आने के चार मामले सामने आए, जिसके चलते उड़ानों में बाधा पहुंची. इसे देखते हुए यह निर्देश जारी किए गए हैं.

उड्डयन नियामक संस्था डीजीसीए ने कहा, 'हमेशा ऐसी स्थिति बनी रहे, इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती. इसलिए आपके बेड़े में शामिल सभी 97 विमानों को 31 जनवरी 2020 तक हर हाल में एकदम सही हालत में होने चाहिए. अगर ऐसा नहीं किया गया तो इन कंपनियों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.'

पिछले हफ्ते भी इंडिगो को इसके ​16 विमानों के इंजन बदलने का निर्देश दिया गया था. इंडिगो भारत की सबसे बड़ी घरेलू विमानन सेवा है, जिसके बेड़े में 245 विमान हैं. इनमें से 89 A320 नियो एयरक्राफ्ट हैं. इनके इंजनों में बार-बार खराबी आने का मामला सामने आया है.

डीजीसीए ने इंडिगो से कहा है कि कम क्षमता वाले पुराने इंजनों को लंबी उड़ानों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. डीजीसीए से मीटिंग के बाद इंडिगो ने कहा था कि हम डीजीसीए के साथ काम करना जारी रखेंगे और जो भी जरूरी कदम हैं, उठाए जाएंगे. हम सभी जरूरी सुधार करेंगे.

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