जासूसी के आरोप में घिरे अपने अधिकारी के बचाव में पाकिस्तान ने भारतीय दूतावास के लोगों को बेवजह का आरोप लगाया है. पाकिस्तान ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के 5 अधिकारियों पर जासूसी का आरोप लगाया है. इस आरोप को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने सिरे से खारिज कर दिया है.
विकास स्वरूप ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पर जमकर हमला बोला, उन्होंने कहा कि अपने अधिकारियों को बचाने के लिए पाकिस्तान ने इस्लामाबाद दूतावास में तैनात भारतीयों अधिकारियों पर सरासर गलत और झूठा आरोप लगाया है. भारतीय अधिकारी किसी भी तरह से जासूसी के कामों में नहीं थे.
विकास स्वरूप मे कहा कि पाकिस्तान जिन भारतीय अधिकारियों पर जासूसी का आरोप लगाया है वो केवल भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार को लेकर भूमिका निभाते थे. उन्हें कहना पाकिस्तान की खींज है. साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की आतंकवाद को लेकर क्या नीति है वो दुनिया जान गई है और वो लगातार में भारत में दहशतगर्दी के लिए सीमा पार को आतंक को बढ़ावा दे रहा है.
It is important for Pak to desist its failed policies which has led to its diplomatic isolation: Vikas Swaroop
— ANI (@ANI_news)
वहीं दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के 6 कर्मचारियों ने बुधवार को भारत छोड़ दिया. जिसके बाद भारत ने भी पाकिस्तान स्थित अपने उच्चायोग के 8 अधिकारियों को वपास बुला लिया. जासूसी के आरोप में पाकिस्तान के अफसर महमूद अख्तर से हुई पूछताछ में खुलासा हुआ था कि पाकिस्तान दूतावास के 16 और कर्मचारी आईएसआई के लिए जासूसी के रैकेट में शामिल हैं. इससे पहले ही जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में 5 भारतीय राजनयिकों पर जासूसी का आरोप लगा दिया.
गौरतलब है कि दिल्ली स्थित अपने उच्चायोग में एक अधिकारी के जासूसी के आरोप में रंगे हाथ पकड़े जाने से पाकिस्तान डर गया है. और उसने भारतीय उच्चायोग के तीन अधिकारियों पर भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के लिए काम करने का आरोप लगाया है. इन अधिकारियों के नाम अजय कुमार वर्मा, अमरदेब सिंह और मदन नंद हैं. पाकिस्तान ने इन अधिकारियों पर पाकिस्तान में गिरफ्तार कुलभूषण जाधव के लिए काम करने का आरोप लगाया है.