भारतीय सेना ने लद्दाख में एशिया के सबसे ऊंचे पुल का निर्माण किया है. चीन से लगती सीमा लाइन आफ एक्चुअल कंट्रोल स्थित शोक दरिया पर एशिया के सबसे ऊंचे पुल का निर्माण किया गया है. लेह से दौलत बेग ओल्डी के लिए पक्की सड़क भी बन रही है. इस सड़क और पुल के निर्माण ने चीन की चिंता बढ़ा दी है.
अब सरहद पर सैनिकों तक जरूरी साजो-सामान और हथियार आसानी से पहुंच सकेगा. इस कर्नल चेवांग रिनचेन ब्रिज का उद्घाटन रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दिवाली के चार दिन पहले किया था. वह सेना प्रमुख के साथ लद्दाख पहुंचे थे और नवनिर्मित पुल पर चहलकदमी भी की थी.
गौरतलब है कि चीन सीमा पर रोड कनेक्टिविटी न होने के कारण वहां की चौकियों तक सामान पहुंचाने में भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था.Raksha Mantri taking a walk on
Col Chewang Rinchen Bridge, built by BRO connecting Durbuk and Daulat Beg Oldie in eastern Ladakh. pic.twitter.com/3oqk3AhG4M
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) October 22, 2019Advertisement
समुद्रतल से 16000 फीट है ऊंचाई
भारतीय सेना ने 16000 फीट की ऊंचाई पर इस पुल का निर्माण किया है. इस पुल की लंबाई 1400 फीट है. 70 टन वजन सहन करने की क्षमता रखने वाले इस पुल के निर्माण से भारतीय सेना की ताकत दोगुनी हो जाएगी. गौरतलब है कि चीन ने सरहद तक खुद तो सड़कों का निर्माण कर लिया, रेल लाइन बिछा ली, हवाई पट्टी का निर्माण कर लिया, लेकिन भारत को ऐसा करने से रोकने की कोशिश करता रहा.
Indian Army has built the highest bridge at 16000 feet above the sea level on China Border in Ladakh. India Today's @Ashraf_Wani explains the strategic importance of this bridge.#ReporterDiary
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— India Today (@IndiaToday) December 1, 2019
भारतीय सेना ने चीन की चेतावनियों को दरकिनार कर आंखों में आंखे डालकर इस पुल का निर्माण कराया. इससे सेना के जवान अब पहले के मुकाबले काफी कम समय में चीन सीमा तक पहुंच सकेंगे. साथ ही सेना के बड़े- बड़े टैंक भी इस पुल के रास्ते एलएसी तक जल्दी पहुंच सकते हैं.