चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर के लिए रवाना हुआ एयरफोर्स का एक विमान AN-32 लापता हो गया है. सुबह करीब 9 बजे से लापता इस विमान में 29 लोग सवार थे. रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि एयरफोर्स, नेवी और कोस्ट गार्ड का सर्च ऑपरेशन जारी है. अभी तक खोजी टीमों को कोई भी सफलता हाथ नहीं लगी है. रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर शनिवार को सर्च ऑपरेशन का जायजा लेने के लिए चेन्नई जाएंगे.
अधिकारियों के मुताबिक विमान से आखिरी संपर्क सुबह 8:46 का है, जबकि रडार पर उसकी आखिरी लोकेशन 9:00 बजे की है. उस वक्त विमान 23 हजार फीट की ऊंचाई पर था. इसके बाद रडार से अचानक संपर्क टूट गया. यह आर्म्ड फोर्सेज के लिए वीकली फ्लाइट है.
समुद्र प्रहरी के साथ ही डॉर्नियर विमान भी बंगाल की खाड़ी में में जुट गए हैं. इसके साथ ही कोस्ट गार्ड का खोजी विमान भी सर्च ऑपरेशन में जुट गया है. नेवी के आठ और विमान तलााशी में जुटे हैं.
2 Navy aircraft (P-8I & Dornier) & 4 ships currently on hunt for missing IAF An-32. More to be deployed.
— Shiv Aroor (@ShivAroor)
नौसेना के चार जहाज सर्च ऑपरेशन में जुटे
वायुसेना प्रमुख अरुप राहा ने विमान के लापता होने की पूरी जानकारी रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को दे दी है. में नौसेना के चार जहाजों को भी लगाया गया है. लापता विमान को आखिरी बार पोर्ट ब्लेयर से 129 नॉटिकल मील पर लोकेट किया गया था.
पोर्ट ब्लेयर से पहले विमान के लिए लैंडिंग की कोई जगह नहीं
वायुसेना ने लापता विमान की खोज के लिए C130J विमान भी तैनात कर दिया है. चेन्नई और पोर्ट ब्लेयर के बीच कोई एयरस्ट्रिप नहीं नहीं है, लिहाजा विमान कहीं लैंड नहीं कर सकता. हालांकि, अधिकारी अभी विमान के क्रैश को लेकर बातचीत नहीं कर रहे हैं.
विंग कमांडर अनुपम बनर्जी ने कहा, 'यह एक रूटीन कूरियर फ्लाइट थी. विमान को 11:30 बजे पोर्ट ब्लेयर में लैंड करना था. हमने सर्च ऑपरेशन शुरू किया है. जैसे ही कोई जानकारी मिलेगी, बताया जाएगा.'
पहले कई बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं AN-32 विमान
बताया जाता है कि एएन-32 विमान को पांच सदस्यों के चालक दल उड़ाते हैं. इनमें एक पायलट, एक को-पायलट, गनर, नेविगेटर और इंजीनियर शामिल होते हैं. इसमें जीपीएस सहित मॉर्डन नेविगेशन के तमाम उपकरण लगे होते हैं. हालांकि, पूर्व में इस श्रेणी के विमान कई बार दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं.
एनएन-32 विमान में रबर के बोट होते हैं, इनमें हर बोट पर 7 यात्री सवार हो सकते हैं. इसके अलावा उस पर राशन भी होता है. हर रबर बोट में एक लोकेटर बीकन होता है, जो सिग्नल देता है.