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इंडिया टुडे कॉन्क्लेव: NDA में झगड़ा, क्या बनेगा 2019 में स्पीड ब्रेकर, पढ़ें गडकरी का जवाब

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के दूसरे दिन महत्वपूर्ण सत्र 'रोड टु 2019: स्पीड बम्प अहेड?' में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने NDA में झगड़े पर कहा कि राजनीति में यह सब चलता रहता है.

नितिन गडकरी नितिन गडकरी

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के दूसरे दिन महत्वपूर्ण सत्र 'रोड टु 2019: स्पीड बम्प अहेड?' में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने NDA में झगड़े पर कहा कि राजनीति में यह सब चलता रहता है.

सत्र का संचालन कर रहे वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने सवाल किया कि टीडीपी, शिवसेना, अकाली दल खुश नहीं है, 2019 में क्या यह स्पीड ब्रेकर बनेगा? इसके जवाब में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, जहाजरानी और जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने काव्यात्मक तरीके से कहा, 'तेरा मेरा जमता नहीं, तेरे सिवा निभता नहीं. यह चलता रहता है. राजनीति में होता है ऐसा. क्रिकेट, पॉलिटिक्स में कुछ भी हो सकता है. फिर सब साथ मिलकर चाय पिएंगे, सब ठीक हो जाएगा.'

गौरतलब है कि एनडीए सरकार के कई सहयोगी दल बीजेपी से नाराज चल रहे हैं. आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जे की मांग को लेकर तेलगू देशम पार्टी के दो मंत्री मोदी सरकार से इस्तीफा दे चुके हैं. हालांकि, तेलुगू देशम पार्टी की तरफ से यह साफ किया गया है कि फिलहाल सिर्फ मंत्री इस्तीफा दे रहे हैं और NDA को समर्थन जारी रहेगा.

बीजेपी से नाराज शि‍वसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. भाजपा भी समझौते के मूड में नहीं है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का दावा है कि उनकी पार्टी शिवसेना के साथ या शिवसेना के बगैर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है.

कश्मीर में पीडीपी आंखें दिखा रही है तो पंजाब में अकाली दल भी दबे-दबे लफ्जों में ही सही, लेकिन नाराजगी जाहिर कर रही है. हालांकि, वाजपेयी के वक्त की बीजेपी और आज मोदी की बीजेपी में बहुत फर्क है. इस वक्त केंद्र में बीजेपी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार में है. ऐसे में गठबंधन पार्टियों के पास पहले जैसी मोलभाव करने की क्षमता नहीं है. 

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