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कालेधन पर कड़ा प्रहार, स्विस बैंक में 61 से 87वें नंबर पर पहुंचा भारत

कालेधन के खिलाफ भारत सरकार के सख्त कदमों का असर नजर आ रहा है. स्विस बैंक में जमा धन के मामले में भारत फिसलकर 88वें स्थान पर आ गया है. जबकि इसी साल भारत 61वें स्थान पर था.

स्विस बैंकों में घटा भारत का धन स्विस बैंकों में घटा भारत का धन

कालेधन के खिलाफ भारत सरकार के सख्त कदमों का असर नजर आ रहा है. स्विस बैंक में जमा धन के मामले में भारत फिसलकर 88वें स्थान पर आ गया है. जबकि इसी साल भारत 61वें स्थान पर था. वहीं, ब्रिटेन अभी भी पहले नंबर है. हालांकि, स्विस बैंकों में विदेशा नागरिकों का पैसा बढ़ा है.

स्विस नेशनल बैंक यानी एसएनबी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, स्विस बैंकों में जमा कुल धन का 0.04 प्रतिशत भारतीयों का है. हालांकि, अब धीरे-धीरे भारतीय पैसे में गिरावट आ रही है. 2007 तक स्विस बैंकों में विदेशियों के जमा धन के मामले में भारत दुनिया के 50 शीर्ष देशों में शामिल था. इसके बाद 2015 में भारत 75वें स्थान पर आ गया. साल 2004 की बात की जाए तो भारत इस मामले में 37वें स्थान पर था. फिलहाल स्विस बैंकों में भारतीय नागिरकों का करीब 4,500 करोड़ रुपये जमा है.

दरअसल, काले धन की समस्या के समाधान के लिये स्विट्जरलैंड और भारत के बीच सूचना के आदान-प्रदान के लिये नया मसौदा तैयार होना है. इससे पहले ज्यूरिख में एसएनबी ने यह आंकड़ा जारी किया. हालांकि, एसएनबी के इन आंकड़ों में इस बात का जिक्र नहीं किया कि भारतीयों या प्रवासी भारतीयों के नाम पर कितना धन जमा कराया गया है.

पहले नंबर पर ब्रिटेन

स्विस बैंकों में जमा पैसों की बात की जाए तो सबसे पहला नंबर ब्रिटेन का है. ब्रिटेन के लोगों का करीब 359 अरब धन स्विस बैंकों में जमा है, जो कि वहां जमा कुल धन का 25 प्रतिशत है. वहीं अमेरिका दूसरे स्थान पर है. इसके बाद वेस्ट इंडीज, फ्रांस, बहमास, जर्मनी, गुएर्नसे, जर्सी, हांगकांग और लक्जमबर्ग का नंबर आता है.

 

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