scorecardresearch
 

अरुणाचल प्रदेश में सुखोई 30MKI उतारकर भारत ने चीन को दिखाई अपनी सैन्य ताकत

पहली बार अरुणाचल प्रदेश के पस्सी घाट में सुखोई 30 उतरा गया है. पस्सी घाट चीन सीमा से मात्र 80 किलोमीटर दूर है. इसका मतलब ये हुआ की भारत सरकार किसी भी कीमत पर पाकिस्तान या फिर चीन सीमा सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करना चाहती.

सुखोई 30 सुखोई 30

भारत में खतरा चारों तरफ से है पाकिस्तान जहां देश की आतंरिक सुरक्षा को नुकसान पहुचाने की कोशिश में जुटा है तो दूसरी तरफ चीन भी भारत की बढ़ती हुई ताकत और विदेश में बढ़ रहे असर से परेशान हैं. चीन अपने इलाके में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के उस पार जहां अपनी सैन्य ताकत में इजाफा कर रहा है, वैसे में भारत ने भी चीन के खिलाफ एक अभेद्य दीवार बना ली है जिसको चीन किसी भी कीमत पर तोड़ नहीं सकता.

इसी सिलसिले में पहली बार अरुणाचल प्रदेश के पस्सी घाट में सुखोई 30 उतरा गया है. पस्सी घाट चीन सीमा से मात्र 80 किलोमीटर दूर है. इसका मतलब ये हुआ की भारत सरकार किसी भी कीमत पर पाकिस्तान या फिर चीन सीमा सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करना चाहती.

चीन की ताकत को कम करने के लिए भारत ने अंडमान-निकोबार में सुखोई-30MKI फाइटर जेट के अतिरिक्त बेड़े की तैनाती के अलावा पूर्वोत्तर में खुफिया ड्रोन और मिसाइल तैनात कर दी हैं. इसके अलावा पूर्वी लद्दाख में टैंक रेजिमेंट्स के साथ ही सैनिकों की संख्या भी बढ़ाई गई है. यह अग्रिम एयरफील्ड साल 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान सैनिकों और रसद पहुंचाने के लिए इस्तमाल हुआ करता था, लेकिन बाद में यह बंद कर दिया गया. पासीघाट सहित इलाके की ज्यादातर हवाईपट्टियां काफी खस्ताहालत में थी और उन पर घास उग आई थी.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें