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30 मई को मानसून का आगमन, खरीफ बुआई को मिलेगी मदद

मौसम विभाग के मुताबिक भारत के दक्षिणी छोर पर मानसून की दस्तक अपने समय के मुताबिक हो रही है, हालांकि निजी मौसम विज्ञान संस्था स्काईमेट का कहना है कि मानसून केरल के तटों पर एक से दो दिन पहले दस्तक दे सकता है.

मौसम विभाग के मुताबिक भारत के दक्षिणी छोर पर मानसून की दस्तक अपने समय के मुताबिक हो रही है, हालांकि निजी मौसम विज्ञान संस्था स्काईमेट का कहना है कि मानसून केरल के तटों पर एक से दो दिन पहले दस्तक दे सकता है.

गुरूवार को भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि केरल के तटों पर मानसून 30 मई तक दस्तक दे सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक समय से आ रहे मानसून से एक साल से अल-नीनो और सूखे से ग्रस्त किसानों के लिए बड़ी राहत मिलेगी.

जून से सितंबर तक भारतीय उपमहाद्वीप पर आने वाले मानसून पर देश की आधा से ज्यादा फसलों की सिंचाई का दारोमदार रहता है. पिछले एक साल से एल नीनो के खतरे के बीच कमजोर मानसून ने देश के किसानों की चिंता बढ़ा दी है. वहीं फरवरी से मार्च के दौरान हुई बेमौसम बारिश ने लाखों किसानों की तैयार रबी फसल को भारी नुकसान पहुंचाया था.

लिहाजा, समय से आ रहे मानसून से अपनी खरीफ फसल की बुआई के लिए तैयार हो रहे किसानों को बड़ी़ राहत मिलेगी. मौसम विभाग के मुताबिक आमतौर पर 1 जून से मानसून का आगमन देश में मौसम के लिए सामान्य माना जाता है. वहीं पिछले साल मानसून ने 6 जून को केरल के तटों पर दस्तक दी थी जिसके चलते देश में औसत से कम बारिश देखने को मिली और अनाज की पैदावार कम हो गई थी.

 

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