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iChowk: दादी को भी पसंद, बिल्ली को भी भाया और रिश्ता पक्का

टच वुड. किसी की नजर न लगे. अय्यर परिवार में खुशी छप्पर फाड़ के आई है. अय्यर परिवार के बेटे के लिए दूल्हे की तलाश पूरी हो गई है. विज्ञापन का शगुन शुभ रहा.

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हरीश अय्यर
हरीश अय्यर

टच वुड. किसी की नजर न लगे. अय्यर परिवार में खुशी छप्पर फाड़ के आई है. अय्यर परिवार के बेटे के लिए दूल्हे की तलाश पूरी हो गई है. विज्ञापन का शगुन शुभ रहा.

दूल्हा बड़ा शर्मिला है

बेटे के लिए दूल्हा . पुराने ख्यालात के लोगों को अटपटा लग सकता है. तो लगे. उनकी परवाह क्यों? परवाह तो लोगों को इंटरकास्ट शादियों पर भी है. दूसरी और भी न जाने कितनी अंतर-वाली-शादियों पर है.

अगर ऐसा न होता तो उस मां को बेटे के लिए दूल्हे का इश्तहार देने के लिए दर दर नहीं भटकना पड़ता. भला हो उस अखबार का जिसने साथ देने का साहस किया. एक परिवार की खुशी की खातिर.

एक मां के लिए बेटे की खुशी से बढ़कर आखिर कौन सी चीज हो सकती है? बेटे की खुशी को मां से बेहतर समझ भी कौन सकता है भला?

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