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उरी हमले के बाद भारत सख्त, पीठ में छुरा घोंपने वाले PAK को इस तरीके से लाएगा घुटने के बल!

संकट की इस घड़ी में पीएम नरेंद्र मोदी ने फैसला कर लिया है कि 19 जवानों की शहादत का बदला पाकिस्तान से कैसे लिया जाना है जिसकी जमीन पर पल रहे आतंकवादी आए दिन सीमापार कर घुसते हैं और आतंक फैलाते हैं.

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भारत-पाकिस्तान भारत-पाकिस्तान

उरी में आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार पर पाकिस्तान से बदला लेने का दबाव बढ़ने लगा है. पाकिस्तान की उकसाने वाली कार्रवाई का जवाब देने के लिए भारत के पास तरीके भी हैं. लेकिन पड़ोसी मुल्क पर हमला करने से पहले तमाम पहलुओं पर गौर करना होगा. इंडिया टुडे के 5 अक्टूबर, 2016 अंक में इस मसले पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है.

संकट की इस घड़ी में पीएम नरेंद्र मोदी ने फैसला कर लिया है कि 19 जवानों की शहादत का बदला पाकिस्तान से कैसे लिया जाना है जिसकी जमीन पर पल रहे आतंकवादी आए दिन सीमापार कर घुसते हैं और आतंक फैलाते हैं.

ऐसे में भारत के पास पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए ये हैं विकल्प:

1.कोवर्ट ऑपरेशन
इस ऑपरेशन के निशाने पर जैश-ए-मुहम्मद का चीफ मौलाना मसूद अजहर है जो 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले और 2016 में पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड है. भारतीय खुफिया एजेंसियों को खबर मिली है कि अजहर एक सभा में हिस्सा लेने बहावलपुर से कराची जाने वाला है. रॉ के अफसर अफगानिस्तान बॉर्डर जाकर वहां जैश प्रमुख पर हमले के लिए तैयारी कर सकते हैं. इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए बलूची अलगाववादियों की मदद ली जा सकती है.

2.सर्जिकल स्ट्राइक
भारत के पास विकल्प है कि आतंक के आकाओं को मार गिराने के लिए सर्जिकल हमले किए जाएं. ऐसा ही हमला अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए पाकिस्तान के एबटाबाद में किया था. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मुहम्मद के ट्रेनिंग कैंप हैं. इन्हें तबाह करने के लिए ऐसे हमले किए जा सकते हैं.

3.सीमा में घुसकर हमला
भारतीय सेना सरहद से सटे पाकिस्तानी सेना की उन चौकियों की पहचान कर सकते हैं, जहां से आतंकवादियों को भारत में घुसपैठ के लिए भेजा जाता है. ऐसे में इंडियन आर्मी जंग के साजो-सामान से लैस होकर उन चौकियों पर भारी गोलाबारी कर सकती है. इन चौकियों पर आर्मी के कमांडो रेड डाल सकते हैं.

4.ट्रेड वॉर

भारत पाकिस्तान को व्यापार के मोर्चे पर भी पटखनी दे सकता है. 2012 में पाकिस्तान को दिया गया मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले सकता है. दुबई के रास्ते भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले 4.71 अरब डॉलर के व्यापार पर रोक लगाई जा सकती है. भारत आयात किए जाने वाले पाकिस्तानी सामानों पर टैक्स बढ़ाया जा सकता है.

5.कूटनीति के मोर्चे पर
भारत को बलूचिस्तान के अलगाववादी नेताओं को भारत में शरण देनी चाहिए. नई दिल्ली में बलूच मिशन स्थापित किया जाना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को घेरने की कोशिश की जानी चाहिए. सार्क पर बिम्सटेक (BIMSTEC) जैसे गुटों को तरजीह दी जानी चाहिए, जिनका पाकिस्तान सदस्य नहीं है.

6.होमलैंड सिक्योरिटी को मजबूत करना
पाकिस्तान को घुटनों पर लाने के लिए सबसे जरूरी है कि हम अपनी आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत बनाएं. उरी हमला हो या पठानकोट हमला, आतंरिक सुरक्षा के मोर्चे पर हमारी कमजोरी सामने आ गई है. इन घटनाओं से साफ हो गया कि हम अपने सैन्य ठिकानों की सुरक्षा करने में नाकाम रहे हैं. अगर भारत कड़ाई से जवाब देता है तो आतंकवादी इसके बदले में सुरक्षा ठिकानों पर फिर से निशाना बना सकते हैं, ऐसे में हमें अपने सर्विलांस और खुफिया तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है.

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