गुजरात विधानसभा के सत्र की शुरुआत मंगलवार से हुई. विधानसभा सत्र के पहले दिन गुजरात के गृह राज्यमंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने लापता बच्चों की जानकारी देते हुए कहा कि गुजरात में पिछले एक साल के अंदर 2307 बचे लापता हुए थे. जिसमें से 1804 बच्चे मिल गए थे. जबकि 503 बच्चे एक साल में ऐसे हैं जिस की कोई जानकारी नही हैं. विधानसभा में आगे बोलते हुए गृह राज्यमंत्री ने कहा कि जो बच्चे गायब हुए हैं उनमें से 90 प्रतिशत बच्चे प्रेम प्रसंग की वजह से गायब हुए.
गुजरात विधानसभा में बच्चों के गायब होने की जानकारी देते हुए गृह राज्यमंत्री ने कहा कि अहमदाबाद से 431, राजकोट से 247, गांधीनगर से 112 और बनासकांठा से 106 बच्चे गायब हुए हैं. राज्य से पूरे साल में टोटल 2307 बच्चे गायब हुए थे, जिसमें से 1804 बच्चे या तो खुद अपने घर वापस आ गए या फिर उन्हें पुलिस के जरिए खोज लिया गया.
गृह राज्यमंत्री ने कहा कि गायब होने वाले बच्चों में 14 साल से 18 साल के बच्चों की तादाद काफी ज्यादा हैं. इन बच्चों के गायब होने कि वजह प्रेम प्रसंग हैं. गृह राज्यमंत्री के विधानसभा में इस तरह के बयान के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि ये बच्चे नासमझी में इस तरह की हरकत करते हैं. इसके लिए कुछ उपाय किया जाना चाहिए.
वहीं विपक्ष गृह राज्यमंत्री प्रदीप सिंह जडेजा के इस तरह के बयान पर हमलावर हो गया और गुजरात में लॉ एंड ऑर्डर के हालात पर सवाल खड़े कर दिए. विपक्ष ने कहा कि गुजरात में लॉ एंड ऑर्डर के हालात अच्छे नहीं है. सरकार खुद की नाकामयाबी को छिपाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रही है.