भ्रष्टाचार को लेकर ज्यादातर लोग हमेशा विरोध करते हुए नजर आते हैं, लेकिन एक तथ्य ये भी है कि औसतन एक शहरी परिवार सालाना करीब 4400 रुपये रिश्वत देता है. सरकार की ओर से किए गए एक सर्वे में इस बात का दावा किया गया है.
अंग्रेजी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक ग्रामीण परिवार औसतन हर साल करीब 2900 रुपये रिश्वत देता है. ये काउंसिल ऑफ अप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) की किया गया. सर्वे में बताया गया कि लखनऊ, पटना, भुवनेश्वर, चेन्नई, हैदराबाद और पुणे के ग्रामीण इलाकों में अपने साधारण काम, एडमिशन और पुलिस को सबसे ज्यादा रिश्वत दी जाती है.
शहरों में औसतन नौकरी और ट्रांसफर के लिए करीब 18 हजार रुपये हर साल दिए जाते हैं, जबकि ट्रैफिक पुलिस को हर साल करीब 600 रुपये रिश्वत दी जाती है. इस सर्वे को सितंबर और के बीच किया गया था.