भारत सरकार ने जनसंख्या रजिस्टर अपडेट करने का फैसला किया है. जनगणना की प्रक्रिया लोगों के घर-घर जाकर पूरी की जाएगी. सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर आबादी, आर्थिक स्तर, धर्म के बारे में आंकड़े जुटाएंगे. रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान असम को छोड़कर सभी राज्यों में जनगणना होगी. असम में जनगणना रजिस्टर को अपडेट करने का काम पहले से ही चल रहा है.
एक अप्रैल 2020 से शुरू होगी प्रक्रिया
जनगणना की प्रक्रिया तीन चरणों में होगी. पहले चरण यानी की अगले साल एक अप्रैल 2020 लेकर से 30 सितंबर के बीच के बीच केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी घर-घर जाकर आंकड़े जुटाएंगे. जनगणना का दूसरा चरण 2021 में 9 फरवरी से 28 फरवरी के बीच पूरा किया जाएगा. 1 मार्च से 5 मार्च के बीच संशोधन की प्रक्रिया होगी.
2011 में पहली बार एनपीआर तैयार किया गया था, इसे 2016 में सरकार ने जारी किया था. 140 साल के इतिहास में पहली बार जनगणना के आंकड़े एक मोबाइल एप के जरिए जुटाए जाएंगे. ये एप एंड्रायड फोन में उपलब्ध होंगे. इस बार जनगणना के आंकड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे.
दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना
2021 की जनगणना दुनिया का सबसे डाटा एक्सरसाइज होगा. इस काम में 33 लाख कर्मचारी लगाए जाएंगे. इस बार जनगणना में न सिर्फ लोगों की आबादी गिनी जाएगी, बल्कि लोगों के सामाजिक आर्थिक डाटा भी इकट्ठा किये जाएंगे. जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बर्फपात से प्रभावित इलाकों में 11 सितंबर से लेकर 30 सितंबर 2020 के बीच जनगणना की जाएगी. यहा पर रिवीजन राउंड 1 से 5 अक्टूबर के बीच होगा.