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येचुरी ने गोरखपुर हादसे पर की न्यायिक जांच की मांग, कहा- दोषियों को मिले कड़ी सजा

येचुरी ने कहा कि इस पूरे हादसे में अब तक 68 बच्चों की मौत हो गई है. संख्या कितनी बढ़ेगी अभी तक पता नहीं. उन्होंने कहा कि हादसे की घोर निंदा से भी काम नहीं चलेगा बल्कि यह तो गंभीर अपराध है, देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ की गई है और इसके दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए.

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फाइल फाइल

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में सरकारी अस्पताल में मासूम बच्चों की मौत के बाद जहां एक तरफ पूरी सरकार हिली हुई है वहीं विपक्ष योगी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए जांच की मांग कर रहा है. सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने इस पूरे हादसे पर उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है. 'आजतक' से बातचीत में येचुरी ने कहा कि इस मामले की न्यायिक जांच हो और दोषी पाए जाने पर अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक को सजा मिले.

येचुरी ने कहा कि इस पूरे हादसे में अब तक 68 बच्चों की मौत हो गई है. संख्या कितनी बढ़ेगी अभी तक पता नहीं. उन्होंने कहा कि हादसे की घोर निंदा से भी काम नहीं चलेगा बल्कि यह तो गंभीर अपराध है, देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ की गई है और इसके दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए.

सीताराम येचुरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि जब सरकार को अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी और सिलेंडर सप्लाई करने वाले कंपनी के बकाया बिलों की जानकारी थी तो सही समय पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से हादसे की वजह गंदगी बताए जाने पर येचुरी ने कहा कि बीजेपी के स्वच्छ भारत अभियान का क्या हुआ.

सीपीएम महासचिव ने सवाल किया कि पिछले 20 सालों से योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सांसद हैं तो MP फंड से कितने करोड़ रुपए आए, और उन्हें गोरखपुर को स्वच्छ बनाने के लिए क्यों नहीं लगाया गया. वहां गंदगी से बच्चों की मौत क्यों हो रही है. उन्होंने कहा कि सरकार अगर पैसों की कमी का रोना रोती है तो वह बताएं कि उनके विज्ञापन और प्रचार-प्रसार पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपए कहां से आए हैं. योगी सरकार ने इस त्रासदी को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित की है लेकिन सीपीएम ने इस हादसे को लेकर न्यायिक जांच की मांग कर रही है.

 

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