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आंध्र नाव हादसा: आज घायलों से मिलने जाएंगे CM रेड्डी, घटना पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट

पूर्वी गोदावरी जिले के पर्यटक स्थल पापिकोंडा में रविवार को बड़ा नाव हादसा हो गया. इस हादसे में करीब एक दर्जन लोगों की मौत हो गई. नाव में 63 पर्यटक और नौ चालक दल के सदस्य सवार थे.

गोदावरी नदी में नाव हादसे पर सीएम ने मांगी रिपोर्ट गोदावरी नदी में नाव हादसे पर सीएम ने मांगी रिपोर्ट

  • गोदावरी नदी में नाव पलटने से 13 सैलानियों की मौत
  • नाव में 63 पर्यटक और नौ चालक दल के सदस्य सवार
  • आंध्र-तेलंगाना सरकार ने मुआवजा देने का ऐलान किया

आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में रविवार को गोदावरी नदी में 70 से ज्यादा सैलानियों से भरी नाव पलट गई, जिसमें अब तक करीब एक दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है. हादसे के बाद मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी आज सोमवार को राजमुंदरी के अस्पताल में इलाज करा रहे घायलों से मिलने जाएंगे. इसके अलावा वह उस स्थल पर भी जाएंगे जहां यह हादसा हुआ था.

यह हादसा पर्यटक स्थल पापिकोंडा में हुआ. नाव में 63 पर्यटक और नौ चालक दल के सदस्य सवार थे. कच्चुलुरु के पास यह हादसा हुआ. घटना के बाद मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने ईस्ट गोदावरी के डीएम और अन्य अधिकारियों से मिलकर नाव पलटने की घटना की पूरी जानकारी ली. जगन मोहन रेड्डी ने प्रत्येक मृतक के परिवारों को 10 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की.

मृतकों के परिजनों को मुआवजा

आंध्र प्रदेश के अलावा तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेख राव ने भी हादसे पर शोक जताया. हादसे में मरने वालों का संबंध तेलंगाना से भी है. चंद्रशेख राव ने संबंधित अधिकारियों को जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए बचाव अभियान को युद्ध स्तर पर करने का निर्देश दिया. हादसे के तुरंत बाद मुख्यमंत्री रेड्डी ने नौसेना और ओएनजीसी के हेलीकॉप्टरों का बचाव कार्यों में इस्तेमाल करने के अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) टीमों का इस्तेमाल करने को कहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस घटना पर दुख जताया है.

सुरक्षा दिशा-निर्देशों का उल्लंघन

साथ ही उन्होंने सभी अधिकारियों को क्षेत्र में तत्काल सभी नौका सेवाओं को निलंबित करने को कहा. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से नावों का लाइसेंस जांच करने को कहा है. इसके साथ ही यह जांचने को भी कहा है कि कर्मचारियों को सही प्रशिक्षण दिया गया है या नहीं. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने घटना पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

एक निजी ऑपरेटर द्वारा संचालित नाव में ज्यादातर लोग तेलंगाना से थे. अधिकारियों का कहना है कि पर्यटकों में से 22 लोग हैदराबाद और 14 वारंगल से थे.

कहा जा रहा है कि नाव को बाढ़ के बावजूद चलाया गया और पर्यटन विभाग के सुरक्षा दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया गया.

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