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कश्मीर में पहली बार स्थानीय और विदेशी आतंकियों मिलकर किया सेना पर हमला

आजतक को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, हिज्बुल मुजाहिदीन और लश्कर के आतंकियों ने मिलकर इस हमले को अंजाम दिया. यह पहला मौका है जब विदेशी और स्थानीय आतंकवादियों ने मिलकर सेना की टुकड़ी पर घात लगाकर हमला किया.

सेना ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए सेना ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में गुरुवार सुबह सेना की एक टुकड़ी पर आतंकवादियों के हमले में चार जवान शहीद हो गए हैं और चार घायल हैं. इसके साथ ही इस गोलीबारी में एक स्थानीय महिला की मौत भी हुई है.

सेना का काफिला आतंकवादियों के खिलाफ एक ऑपरेशन करके कुंगूनू से लौट रहा था, तभी रात ढाई बजे के करीब शोपियां के चितगाम इलाके में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद सेना ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए.

आजतक को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, हिज्बुल मुजाहिदीन और लश्कर के आतंकियों ने मिलकर इस हमले को अंजाम दिया. यह पहला मौका है जब विदेशी और स्थानीय आतंकवादियों ने मिलकर सेना की टुकड़ी पर घात लगाकर हमला किया. अभी तक देखा गया है कि सेना के साथ ज्यादातर मुठभेड़ में आतंकी फायरिंग करके भाग जाते थे, लेकिन यह पहला मौका था जब आतंकियों ने सेना की टुकड़ी को घेरा और काफी देर मुकाबला किया. इस कारण सेना को काफी नुकसान उठाना पड़ा.

जम्मू कश्मीर में सक्रिय 400 आतंकी
सुरक्षा बलों की खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय जम्मू-कश्मीर में 400 आतंकी सक्रिय हैं, जो कश्मीर घाटी में तबाही मचाने का प्लान बना रहें हैं. इनमें से सबसे ज्यादा 300 आतंकी साउथ कश्मीर में हैं. वहीं इस समय 150 पाकिस्तानी आतंकी ओवर ग्राउंड वर्कर की आड़ में छुपे हुए हैं और 250 आतंकी लोकल हैं, जिन्हें स्थानीय लोगों की आड़ और सपोर्ट हासिल है. वही दूसरी तरफ दक्षिण पीर पंजाल सौजियां से लेकर राजौरी तक 100 आतंकी छिपे हैं. इस समय सुरक्षा बलों के लिए यही सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है.

एक महीने में सेना पर तीसरा हमला
जम्मू-कश्मीर में तीन हफ्तों में यह चौथी बड़ी घटना है, जिसमें सेना को अपने जवानों को खोना पड़ा है. इससे पहले लगातार दो दिन हुए तीन अलग-अलग मुठभड़ों में सेना के एक मेजर सहित छह जवान शहीद हो गए थे. ऐसे में अब सेना तेजी से इन आतंकियों को करारा जवाब देने की तैयारी कर चुकी है. ये भारतीय सेना की इस साल की सबसे बड़ी तैयारी है. सेना का उच्च सूत्रों ने आजतक को बताया कि आतंकियों की इस बदली रणनीति के बीच सेना पूरी मुस्तैदी के साथ दहशतगर्दों की नापाक साजिश को नाकाम करने में जुट गई है. सुरक्षा के मद्देनजर हम सेना की रणनीति का खुलासा नहीं कर सकते हैं.

वैसे प्राप्त जानतकारी के मुताबिक, आने वाले दिनों में सेना के ऑपरेशन में बाधा डालने वालों के साथ सख्ती से पेश आएगा. आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान स्थानीय लोगों खासकर महिलाओं और बच्चों को हटाने के लिए सेना पुराने पारंपरिक तरीकों का भी इस्तेमाल करेगी, जिसमें मिर्ची बम और नुकीली कील के जाल शामिल हैं.

लश्कर के आकांओं ने दिया स्थानीय लोगों के इस्तेमाल का आदेश
हाल के दिनों में कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ सेना के ऑपरेशन के दौरान पत्थरबाजों के हमले बढ़ गए हैं. इस दौरान आतंकियों के ओवर ग्राउंड वर्कर स्थानीय लोगों खासकर युवा और महिलाओं को सेना के खिलाफ भड़काते हैं. सीमापार पाकिस्तान से कश्मीर घाटी में मौजूद आतंकियों को सीधा स्पोर्ट मिला रहा है. भारत में नोटबंदी के बाद अब एक नई रणनीति के तहत सीमापार बैठे लश्कर के आकाओं ने कश्मीर घाटी में मौजूद लोकल कमांडरों से स्थानीय लोगों को सेना के खिलाफ भड़काने का काम तेज करने के लिए कहा है. इस बार खासतौर से सेना सर्दियों के दौरान आक्रामक कार्रवाई से आतंकियों का ढूंढ़कर सफाया कर रही है. पिछले एक महीने के दौरान सेना ने ऐसे करीब 12 से 15 ऑपेरशन में 15 से 20 खूंखार आतंकियों को मार गिराया है.

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