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भगत सिंह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी, महात्मा गांधी के पड़पोते के खिलाफ केस

देश की आजादी की खातिर जिसने फांसी के फंदे को गले लगा लिया, आज के राजनीतिक दौर में उसे भी अपमानजनक टिप्पणी से नवाजा जा रहा है. मामला तब और गंभीर हो जाता है, जब टिप्पणी करने वाला कोई और नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के पड़पोते हों.

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FIR registered against Tushar Gandhi for making controversial statement on Bhagat Singh
FIR registered against Tushar Gandhi for making controversial statement on Bhagat Singh

देश की आजादी की खातिर जिसने फांसी के फंदे को गले लगा लिया, आज के राजनीतिक दौर में उसे भी अपमानजनक टिप्पणी से नवाजा जा रहा है. मामला तब और गंभीर हो जाता है, जब टिप्पणी करने वाला कोई और नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के पड़पोते हों.

महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी की है. इस मामले में तुषार गांधी के खिलाफ जालंधर पुलिस ने रविवार को मामला दर्ज कर लिया है और इसकी जांच शुरू कर दी है.

जालंधर पुलिस के निरीक्षक तथा डिवीजन नंबर आठ के प्रभारी बिमलकांत ने बताया, ‘गैर सरकारी संगठन जन जागृति मंच के चेयरमैन तथा जालंधर निवासी किशन लाल शर्मा के बयान के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 295 ए (आस्था को ठेस पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज कर लिया है. मामले की जांच शुरू कर दी गई है.’

बिमलकांत ने बताया, ‘किशनलाल की अगुवाई में लगभग 300 लोगों ने शनिवार को जालंधर के पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर तुषार गांधी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की. उन लोगों ने आरोप लगाया था कि तुषार ने भगत सिंह के खिलाफ की है.’

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इससे पहले मंच के उपाध्यक्ष अशोक सरीन ने बताया, ‘जयपुर में तुषार गांधी ने मीडिया को दिए साक्षात्कार में शहीद-ए-आजम बताया था. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि इसी कारण से बापू (महात्मा गांधी) ने उनकी सजा माफ करने के लिए अंग्रेजी सरकार से पैरवी नहीं की थी.’

- इनपुट भाषा

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