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फैक्ट चेक: दिल्ली की सड़कों पर नहीं घूम रहा शेरों का ये झुंड

लॉकडाउन लागू होने के बाद सोशल मीडिया पर नीलगाय, हिरण, सियार, लोमड़ी और दूसरे जानवरों की तमाम तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं. नेटिजन्स का कहना है कि लोग घरों में बंद हुए तो प्रकृति अपने स्वाभाविक रूप में लौट रही है.

दिल्ली की सड़कों पर नहीं घूम रहे शेर दिल्ली की सड़कों पर नहीं घूम रहे शेर

क्या दिल्ली की सड़कों पर शेरों का झुंड घूम रहा है? कई सोशल मीडिया यूजर तो ऐसा ही मान रहे हैं. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कुछ मादा शेर और उनके शावकों का एक समूह सड़क के किनारे टहलते हुए दिख रहा है. यह वीडियो किसी कार के अंदर से बनाया गया है. इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि दिल्ली कैंट के पास धौला कुआं में इन शेरों को सड़क पर घूमते हुए देखा गया है.

लॉकडाउन लागू होने के बाद सोशल मीडिया पर नीलगाय, हिरण, सियार, लोमड़ी और दूसरे जानवरों की तमाम तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं. नेटिजन्स का कहना है कि लोग घरों में बंद हुए तो प्रकृति अपने स्वाभाविक रूप में लौट रही है. हालांकि, राजधानी दिल्ली में शेरों के झुंड का यह वीडियो काफी सनसनीखेज लग रहा है.

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. वायरल वीडियो दिल्ली का नहीं, बल्कि गुजरात के अमरेली जिले के राजुला का है.

इस भ्रामक दावे के साथ यह वीडियो फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है. पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

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AFWA की पड़ताल

कुछ कीवर्ड्स के सहारे सर्च करने पर हमें गूगल पर कई वीडियो मिले जिसमें सड़क के किनारे शेरों को टहलते हुए देखा जा सकता है. इनमें से ज्यादातर वीडियो गुजरात के, उसमें भी खासकर गिर नेशनल पार्क के हैं. वायरल वीडियो में दिख रहे एशियाई शेर पूरी दुनिया में केवल गिर में पाए जाते हैं. दरअसल, गिर नेशनल पार्क और उसके आसपास के इलाकों में शेरों का दिखना आम बात है.

इंटरनेट खंगालने पर हमें शेरों के झुंड का एक यूट्यूब वीडियो मिला, जिसमें वही लोकेशन दिख रही है जो वायरल वीडियो में दिख रही है. “GirIndiaFilms HD” नाम के यूट्यूब चैनल पर सड़क पर घूमते शेरों के समूह का एक वीडियो मौजूद है. यह वीडियो 11 जनवरी, 2016 को अपलोड किया गया है और इसमें बताया गया है कि यह वीडियो गिर जंगल के पास पिपावाव शिपयार्ड रोड से लिया गया है.

यह यूट्यूब चैनल चलाने वाले व्यक्ति से हमने संपर्क किया. उनका नाम हनीफ खोखर है और वे स्थानीय पत्रकार हैं. हमने वायरल हो रहा वीडियो हनीफ खोखर को भेजा. उन्होंने बताया कि यह वीडियो भी अमरेली जिले के राजुला के पिपावाव रोड का है. इसमें कोई शक नहीं है, क्योंकि दोनों वीडियो में जो समानताएं हैं वे भी यही साबित करती हैं.

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जूनागढ़ के मुख्य संरक्षक (वन्यजीव) दुष्यंत वासवदा ने भी कहा कि वायरल वीडियो दिल्ली का नहीं है, लेकिन इसके राजुला के होने की ज्यादा संभावना है. दिल्ली वन विभाग के प्रधान संरक्षक ईश्वर सिंह ने कहा कि चूंकि गिर से दिल्ली तक कोई फॉरेस्ट कॉरिडोर नहीं है, इसलिए यह असंभव है कि गुजरात के शेर राजधानी दिल्ली तक आ जाएं.

कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने यह भी दावा किया कि वीडियो के बैकग्राउंड में दिख रहा लंबा सा ढांचा भगवान शिव की मूर्ति है. लेकिन हनीफ खोखर ने बताया कि यह राजुला की एक सीमेंट फैक्ट्री है.

निष्कर्ष

विशेषज्ञों का कहना है कि गिर के जंगलों के आसपास की सड़कों पर शेरों का घूमना-फिरना बहुत आम है. इस तरह की घटनाओं के बारे में कई न्यूज रिपोर्ट भी मौजूद हैं.

लॉकडाउन के दौरान पूरी दुनिया में सड़कों पर पेंगुइन, सियार, हिरण, लोमड़ी, मोर और कई अन्य जंगली जानवरों को सड़कों पर घूमते देखा गया है.

लेकिन पड़ताल से स्पष्ट है कि इस वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दाव झूठा है. सड़क के किनारे घूमते शेरों के झुंड का यह वीडियो दिल्ली का नहीं, बल्कि गुजरात के राजुला का है. हालांकि, हम यह पता नहीं कर सके कि यह वीडियो कब शूट किया गया था.

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

लॉकडाउन के दौरान दिल्ली कैंट के पास धौला कुआं में शेरों का झुंड देखा गया.

निष्कर्ष

वायरल वीडियो दिल्ली का नहीं, बल्कि गुजरात के अमरेली जिले के राजुला का है.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
सोशल मीडिया यूजर्स
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