कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार जल्द ही कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बन सकते हैं. इसका ऐलान 12 जनवरी के बाद हो सकता है. कांग्रेस हाईकमान का मानना है कि राज्य में पार्टी को मजबूत करने के लिए उनके पास संसाधन हैं. हाल में ही डीके शिवकुमार को मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया गया था. वे जमानत पर बाहर हैं.
शिवकुमार साल 2016 में नोटबंदी के बाद से और ईडी के निशाने पर हैं. 2017 में उनके नई दिल्ली के फ्लैट की तलाशी जब आयकर विभाग ने ली तो वहां से 8.59 करोड़ रुपये नगद मिले, जिसे विभाग ने जब्त कर लिया. आयकर विभाग ने उनके और उनके चार सहयोगियों के खिलाफ आईटी (इनकम टैक्स) एक्ट की धारा 277 और 278 और भारतीय दंड संहिता के धारा 120 (बी), 193 और 199 के तहत मामले दर्ज किए.
अभी हाल में कर्नाटक की 15 विधानसभा सीटों पर हुए का रिजल्ट आया था. इसमें भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 12 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस सिर्फ 2 सीटों पर जीत दर्ज कर पाई. कांग्रेस के इस प्रदर्शन पर प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव और विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने अपना इस्तीफा दे दिया. तब से यहां कांग्रेस अध्यक्ष का पद खाली था. अब माना जा रहा है कि डीके शिवकुमार अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं. शिवकुमार को पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी का काफी करीबी बताया जाता है.
उपचुनाव में शर्मनाक हार के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को वरिष्ठ नेताओं के कड़े विरोध के बावजूद पिछले साल अक्टूबर में सदन में विपक्ष का नेता नियुक्त किया गया था. वरिष्ठ नेता उन्हें पार्टी के अंदर एक बाहरी व्यक्ति मानते हैं, क्योंकि इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री जेडीएस में थे. 15 विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में कांग्रेस केवल दो सीटें जीत सकी. पांच दिसंबर को हुए उपचुनाव में 15 में से 12 सीटें जीतने के बाद बी. एस. येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली बीजेपी की राज्य में सत्ता बरकरार है.