रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर लद्दाख पहुंचे. इस दौरान वो लद्दाख और जम्मू-कश्मीर की यात्रा करेंगे. उनके साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी हैं. सशस्त्र बल के जवानों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि हमलोग शांति की बात जरूर करते हैं लेकिन अगर किसी ने हमारी एक इंच जमीन लेने की कोशिश की तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा. हमारे पास प्रधनामंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व है जो फैसला लेने के लिए जाने जाते हैं. भारतीय सेना के ऊपर हमें नाज है. मैं जवानों के बीच आकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं. हमारे जवानों ने शहादत दी है. इसका गम 130 करोड़ भारतवासियों को भी है.
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत दुनिया का इकलौता देश है जिसने सारे विश्व को शांति का संदेश दिया है. हमने किसी भी देश पर कभी आक्रमण नहीं किया है और न ही किसी देश की जमीन पर हमने कब्जा किया है. भारत ने वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश दिया है. चीन के साथ हमारी बातचीत चल रही है. उम्मीद है कि शांति से रास्ता निकल जाए. लेकिन अगर रास्ता नहीं निकला तो हमारी सेना हर हाल में तैयार है. दुनिया की कोई ताकत भारत की एक इंच जमीन छू नहीं सकती, उस पर कोई कब्जा नहीं कर सकता.
राजनाथ सिंह शुक्रवार सुबह चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के साथ लेह पहुंचे थे. इसके बाद वो श्रीनगर के लिए रवाना होंगे.
दो दिवसीय यात्रा पर रवाना होने से पहले राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं सीमाओं पर स्थिति की समीक्षा करने और क्षेत्र में तैनात सशस्त्र बल के जवानों के साथ बातचीत करने के लिए जा रहा हूं.
Leaving for Leh on a two-day visit to Ladakh and Jammu&Kashmir. I shall be visiting the forward areas to review the situation at the borders and also interact with the Armed Forces personnel deployed in the region. Looking forward to it: Defence Minister Rajnath Singh (file pic) pic.twitter.com/KFriE2QECZ
— ANI (@ANI) July 17, 2020
हालांकि राजनाथ सिंह इससे पहले जुलाई महीने की शुरुआत में भी लेह दौरे के लिए रवाना होने वाले थे. लेकिन अचानक उनकी यात्रा रद्द हो गई थी और प्रधानमंत्री मोदी 3 जुलाई को लेह जिले के नीमू इलाके पहुंच गए थे. वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन की सेनाओं के बीच 5 मई को हुए गतिरोध के बाद रक्षा मंत्री की यह पहली लद्दाख यात्रा होगी.
हाल ही में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुए समझौते के आधार पर अब सीमा से सेनाओं को हटाने का काम चल रहा है. चीन की सेना गलवान, पैंगोंग इलाके से पीछे हट चुकी है और अपने सैनिकों को करीब दो-दो किमी. तक पीछे कर लिया है.
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एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि रक्षा मंत्री लद्दाख में सैनिकों को संबोधित करेंगे. साथ ही पैरा ट्रूपर्स का दौरा करेंगे और उनकी संचालन क्षमता देखेंगे.