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एक्सपर्ट ने बताया- PM मोदी के भाषण में क्यों नहीं था चीन का जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी आज के अपने 17 मिनट 39 सेकेंड के संबोधन के दौरान कोरोना वायरस को लेकर ही बोलते रहे. महामारी के इस दौर में चीन के साथ विवाद का मुद्दा भी गरमाया हुआ है. उन्होंने 17 मिनट से थोड़ा लंबे भाषण में 17 बार भारत का नाम लिया, लेकिन चीन का नाम एक भी बार नहीं लिया.

PM नरेंद्र मोदी (एएनआई) PM नरेंद्र मोदी (एएनआई)

  • प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन 17 मिनट 39 सेकेंड का रहा
  • संबोधन में 17 बार भारत का जिक्र, लेकिन चीन का नहीं
कोरोना संकट और चीन के साथ सीमा विवाद के दौर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मंगलवार को अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में चीन के साथ विवाद का जिक्र नहीं किया. जबकि ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि इस विषय पर वह कुछ कहेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इस पर रक्षा विशेषज्ञ ने बताया कि प्रधानमंत्री ने ऐसा क्यों नहीं किया.

प्रधानमंत्री मोदी आज के अपने 17 मिनट 39 सेकेंड के संबोधन के दौरान कोरोना वायरस को लेकर ही बोलते रहे. महामारी के इस दौर में चीन के साथ विवाद का मुद्दा भी गरमाया हुआ है, लेकिन उन्होंने इस पर कुछ नहीं कहा. हालांकि 17 मिनट से थोड़ा लंबे भाषण में 17 बार भारत का नाम लिया, लेकिन चीन का नाम एक बार भी नहीं लिया.

क्या कहा रक्षा विशेषज्ञ ने

आजतक के साथ खास कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर) शंकर प्रसाद ने कहा, 'मुझे नहीं लग रहा था कि आज वह चीन पर कुछ बोलेंगे. यह जरूर लग रहा था कि कुछ राजनीतिक बात बोलेंगे. आज ही चीन के साथ कोर कमांडर स्तर पर बातचीत हो रही है और इसमें कुछ नई चीजें निकल कर आएंगी. हो सकता है कि आज ये चीजें दिल्ली तक न पहुंच पाएं. मुझे भी यही लग रहा था कि आज वह चीन पर कुछ नहीं बोलेंगे और यही हुआ भी. हालांकि थोड़ी बहुत उम्मीद लगी हुई थी.'

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चीन का जिक्र करने को लेकर पूर्व सैन्य अफसर प्रसाद ने कहा कि हालांकि ऐसा लग रहा था कि शायद वह कुछ जिक्र कर दें. लोग इतना हंगामा मचा रहे हैं और चीन की ओर से लगातार बयानबाजी हो रही है, स्थिति काफी गंभीर है तो शायद 2-4 लफ्ज बोल दें.

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लेकिन पीएम मोदी द्वारा अपने संबोधन में चीन का जिक्र नहीं करने के पीछे का कारण समझाते हुए लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर) शंकर प्रसाद ने कहा कि जब चीन पर बोलना पड़ेगा तो विस्तारपूर्वक बताना पड़ेगा. 2-3 वाक्य में बात पूरी नहीं की जा सकती. आज ही दोनों देशों के कोर कमांडर की बैठक हो रही है और आज रात या फिर कल इस संबंध में कुछ जानकारी मिल सकती है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट के बीच अपने छठे राष्ट्र के नाम संबोधन की शुरुआत में कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ते हुए अब हम अनलॉक-2 में प्रवेश कर रहे हैं और हम उस मौसम में भी प्रवेश कर रहे हैं जहां सर्दी-जुखाम, खांसी-बुखार ये सारे न जाने क्या क्या होता है, के मामले बढ़ जाते हैं.

पीएम मोदी ने आगे कहा कि साथियों, ये बात सही है कि अगर कोरोना से होने वाली मृत्यु दर को देखें तो दुनिया के अनेक देशों की तुलना में भारत संभली हुई स्थिति में है. समय पर किए गए लॉकडाउन और अन्य फैसलों ने भारत में लाखों लोगों का जीवन बचाया है.

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब से देश में अनलॉक-1 हुआ है, व्यक्तिगत और सामाजिक व्यवहार में लापरवाही भी बढ़ती ही चली जा रही है. पहले हम मास्क को लेकर, दो गज की दूरी को लेकर, 20 सेकेंड तक दिन में कई बार हाथ धोने को लेकर बहुत सतर्क थे. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान बहुत गंभीरता से नियमों का पालन किया गया. अब सरकारों को, स्थानीय निकाय की संस्थाओं को, देश के नागरिकों को, फिर से उसी तरह की सतर्कता दिखाने की जरूरत है.

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