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मेडिकल डिवाइसेज में साइबर अटैक का खतरा, मरीजों को हो सकता है भारी नुकसान

ब्रिटेन की रॉयल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग ने एक रिपोर्ट जारी कर चेतावनी दी है कि एमआरआइ स्कैनर, पेसमेकर जैसे कनेक्टेड हेल्थ डिवाइसेज को हैक किया जा सकता है.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

इंटरनेट से कनेक्ट मेडिकल डिवाइसेज के हैक किए जाने और इससे मरीजों की सहेत को नुकसान होने की हैरान करने वाली बात सामने आई है्. इस तरह के डिवाइसेज के हैक होने के बाद डाटा शेयरिंग की वजह से लोगों की निजता को भी खतरा हो सकता है.

ब्रिटेन की रॉयल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग ने एक रिपोर्ट जारी कर चेतावनी दी है कि एमआरआइ स्कैनर, पेसमेकर जैसे कनेक्टेड हेल्थ डिवाइसेज को हैक किया जा सकता है और हैकर चाहें तो इस तरह से मरीजों की सेहत को भारी नुकसान भी पहुंचा सकते हैं.

आरएई ऐंड पेट्रास इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) रिसर्च हब के द्वारा प्रकाशित दो रिपोर्ट के मुताबिक हेल्थ डिवाइसेज पर साइबर हमले बढ़ रहे हैं और उनका मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ रहा है. इस तरह के डिवाइसेज के हैक होने के बाद डेटा शेयरिंग की वजह से लोगों की निजता को खतरा हो सकता है.

तकनीकी विशेषज्ञ यह चेतावनी देते हैं कि, 'एमआरआई स्कैनर और पेसमेकर जैसे कई हेल्थ डिवाइसेज में साइबर हमलों का जोखिम बढ़ा है.' जानकारों का कहना है कि इन हेल्थ सिस्टम को नए सिरे से डिजाइन करना होगा और ऐसे सुरक्षा उपाय करने होंगे जिससे जोखि‍म से बचा जा सके. ऐसे कनेक्टेड सिस्टम पर साइबर हमलों के साथ ही प्राकृतिक आपदा या उपकरण के फेल होने का भी खतरा बना रहता है.

RAENG के फेलो प्रोफेसर निक जेनिंग्स और इम्पीरियल कॉलेज लंदन के वाइस प्रोवोस्ट प्रोफेसर निक जेनिंग्स इस रिपोर्ट के लेखकों में से एक हैं. उन्होंने कहा, 'हम इन डिवाइसेज के फेल होने या उन पर साइबर हमलों को पूरी तरह से नहीं बच सकते, लेकिन ऐसा सिस्टम तो डिजाइन कर ही सकते हैं, जो ज्यादा टिकाऊ हो और जिसमें तत्काल सुधार किया जा सके.'

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