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क्राइम ब्रांच ने रक्षा मंत्रालय के कर्मचारी को किया गिरफ्तार, दस्तावेज लीक करने का शक

पेट्रोलियम मंत्रालय जासूसी मामले की आंच अब रक्षा मंत्रालय तक पहुंच गई है. दिल्ली क्राइम ब्रांच पुलिस ने रक्षा मंत्रालय के एक कर्मचारी को इस मामले में हिरासत में लिया है. पुलिस कर्मचारी से पूछताछ कर रही है.

अब तक 14 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी अब तक 14 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी

पेट्रोलियम मंत्रालय जासूसी मामले की आंच अब रक्षा मंत्रालय तक पहुंच गई है. दिल्ली क्राइम ब्रांच पुलिस ने रक्षा मंत्रालय के एक कर्मचारी को इस मामले में हिरासत में लिया है. पुलिस कर्मचारी से पूछताछ कर रही है.

रक्षा मंत्रालय में काम करने वाले विरेंद्र उत्तम नगर में रहते हैं. विरेंद्र रक्षा मंत्रालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है. विरेंद्र की गिरफ्तारी के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि दस्तावेज लीक करने के मामले में रक्षा मंत्रालय के कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं. क्राइम ब्रांच ने इस गिरफ्तारी के बाद नए सिरे से जांच शुरू कर दी है.

इससे पहले सोमवार को क्राइम ब्रांच ने पेट्रो जासूसी मामले में छह अन्य लोगों की गिरफ्तारी की थी. पुलिस ने शास्त्री भवन ले जाकर दो आरोपियों से पूछताछ भी की थी. कॉरपोरेट जासूसी मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों ने सोमवार को आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा हिरासत में पूछताछ के दौरान उन्हें सादे कागजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया. इस मामले के एक प्रमुख आरोपी पूर्व पत्रकार शांतनु सैकिया ने पुलिस हिरासत में अदालत जाते वक्त कहा, ‘हमसे सादे कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए. क्या हो रहा है’.

चारों आरोपियों को छह मार्च तक 11 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया, क्योंकि दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसे हिरासत में पूछताछ की अब जरूरत नहीं है. पुलिस ने नोएडा की एक कंसल्टेंसी फर्म में काम करने वाले लोकेश को सोमवार को गिरफ्तार किया और उसके पास से कोयला, बिजली और अन्य मंत्रालयों से जुड़े ‘संवेदनशील’ दस्तावेज कथित रूप से बरामद किए. इसके साथ ही इस मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर 14 हो गई.

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