scorecardresearch
 

लॉकडाउन का असर, केरल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई सगाई

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दूल्हा और दुल्हन अपने-अपने शहर से ऑनलाइन आमने-सामने आए और सगाई की रस्म पूरी हुई. दोनों का परिवार एर्नाकुलम और त्रिचूर में रहता है. यहां से इन दोनों के परिजन वीडियो कॉलिंग के माध्यम से एक-दूसरे के परिवारों से जुड़े. शादी 26 अप्रैल को होनी है, उसके पहले दोनों परिवारों ने अपनी-अपनी तैयारी जारी रखी है.

Advertisement
X
लॉकडाउन के कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है (PTI)
लॉकडाउन के कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है (PTI)

  • वीडियो कॉलिंग के माध्यस से दोनों परिवारों में बात
  • लॉकडाउन के कारण दूल्हा-दुल्हन के परिवार फंसे

कोरोना वायरस की महामारी को देखते हुए पूरे देश में लॉकडाउन है. लोगों ने अपने सभी जरूरी काम बंद कर दिए हैं. शादी-ब्याह से लेकर धार्मिक जलसे रुके पड़े हैं. लेकिन इंटरनेट के इस जमाने में ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि ऑनलाइन काम निपटाए जा रहे हैं. स्कूल-कॉलेज के काम ऑनलाइन हो रहे हैं तो जरूरी मीटिंग भी इसके माध्यम से निपटाए जा रहे हैं. कोर्ट कचहरी भी अपना काम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कर रहे हैं. इस बीच एक दिलचस्प खबर केरल से आई है जहां एक परिवार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सगाई की रस्म अदा की.

दरअसल, सगाई दोनों परिवारों के मिलने पर होनी थी लेकिन तब तक लॉकडाउन हो गया. लॉकडाउन के कारण दूल्हा और दुल्हन के परिजन जहां-तहां फंसे हैं. लिहाजा उन्हें ऑनलाइन रस्म अदायगी के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं था. रिपोर्ट के मुताबिक दुल्हन का नाम अमृता है जो बेंगलुरु के बीपीसीएल में कार्यरत है. जबकि दूल्हा राकेश इंजीनियर हैं और चेन्नई की एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं. लॉकडाउन के कारण दोनों अपने-अपने शहर में फंसे हैं. इनके परिजन भी घरों में रुकने को मजबूर हैं. अमृता और राकेश की सगाई 29 मार्च को होनी थी जिसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निपटाया गया.

Advertisement

कोरोना पर फुल कवरेज के लि‍ए यहां क्ल‍िक करें

कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दूल्हा और दुल्हन अपने-अपने शहर से ऑनलाइन आमने-सामने आए और सगाई की रस्म पूरी हुई. दोनों का परिवार एर्नाकुलम और त्रिचूर में रहता है. यहां से इन दोनों के परिजन वीडियो कॉलिंग के माध्यम से एक-दूसरे के परिवारों से जुड़े. शादी 26 अप्रैल को होनी है, उसके पहले दोनों परिवारों ने अपनी-अपनी तैयारी जारी रखी है.

केरल में तबलीगी का कहर

दूसरी ओर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने राज्य पुलिस को उन सभी लोगों का पता लगाने के लिए कहा है जो दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात मरकज का दौरा कर चुके हैं. इनमें से लगभग 300 लोगों की पहचान राज्य के विभिन्न हिस्सों से की गई है, लेकिन जिन 300 ने मरकज में हिस्सा लिया, उनमें से माना जा रहा है कि केवल 80 लोग ही केरल लौटें हैं. पहले सप्ताह में 200 से ज्यादा ने इस बैठक में भाग लिया था. अनुमान लगाया गया है कि तीसरे सप्ताह में 80 लोगों ने इस बैठक में हिस्सा लिया. इनमें से कई लोग पुलिस का सहयोग नहीं कर रहे हैं. पुलिस ऐसे लोगों के मोबाइल नंबरों को ट्रैक करके इनके बारे में पता लगाने की पूरी कोशिश कर रही है. इस बीच, जिन दर्जन भर लोगों की पहचान हो चुकी है, वे ठीक हैं. उनमें कोरोनो वायरस के कोई लक्षण नहीं हैं. फिर भी स्वास्थ्य अधिकारी कोई चांस नहीं लेना चाहते हैं, इसलिए इन्हें आइसोलेशन में रखा है.

Advertisement
Advertisement