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नहीं रहे कांग्रेस के 'चाणक्य' फोतेदार, 85 साल की उम्र में निधन

फोतेदार जम्मू-कश्मीर की राजनीति में भी काफी सक्रिय रहे हैं. वो कश्मीर में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं. उन्होंने कश्मीरी पंडितों के लिए काफी संघर्ष किया है.

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दिवंगत नेता माखनलाल फोतेदार
दिवंगत नेता माखनलाल फोतेदार

कांग्रेस के दिग्गज नेता माखनलाल फोतेदार का गुरुवार को निधन हो गया. फोतेदार 85 साल के थे. उन्होंने गुरुग्राम के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली.

माखनलाल फोतेदार पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे हैं. वो पू्र्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के करीबी रहे हैं. उन्हें राजनीति का चाणक्य भी माना जाता है.

सोनिया ने जताया दुख

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने माखनलाल फोतेदार के निधन पर दुख जाहिर किया है. उन्होंने कहा, 'वे अपने पांच दशक के लंबे और सक्रिय राजनीतिक करियर में बिना थके और रुके लोगों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ते रहे और उनकी सेवा करते रहे'. साथ ही उन्होंने कहा कि वे हमेशा कांग्रेस के लिए मार्ग दर्शन करने वालों में से एक थे. सोनिया ने कहा कि उनकी जगह कोई नहीं भर सकता.

मूल रूप से कश्मीर के रहने वाले फोतेदार को पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू आजादी के बाद राजनीति में लाए थे. इसके बाद वो कांग्रेस में सबसे मजबूत नेता के रूप में उभरे.

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1980 में इंदिरा गांधी ने उन्हें अपना निजी सचिव नियुक्त किया था. उनकी हत्या के बाद राजीव गांधी ने माखनलाल को तीन साल तक अपने राजनीतिक सचिव के तौर पर रखा. बाद में वो केंद्रीय कैबिनेट का हिस्सा बने.

कश्मीर विधानसभा में भी वो काफी समय तक रहे हैं. 1967 से 1977 तक वो पहलगाम विधानसभा से विधायक रहे. साथ ही दो बार राज्यसभा सदस्य भी रहे.

फोतेदार ने अपनी किताब 'द चिनार लीव्स' में भी भारतीय राजनीति और नेताओं को लेकर कई अहम बातें कही हैं. इस किताब में उन्होंने जो खुलासे किए हैं वो काफी चर्चा का विषय रहे हैं.

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