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'मिशन 2014' के लिए राहुल गांधी को कमान सौंपने के प्रस्ताव पर आज लगेगी मुहर!

लोकसभा चुनाव से पहले शुक्रवार को कांग्रेस की बड़ी बैठक हो रही है. दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ये बैठक होगी, जिसमें लोकसभा चुनाव की रणनीति पर माथापच्ची होगी.

राहुल गांधी राहुल गांधी

लोकसभा चुनाव से पहले शुक्रवार को कांग्रेस की बड़ी बैठक हो रही है. दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ये बैठक होगी, जिसमें लोकसभा चुनाव की रणनीति पर माथापच्ची होगी. इस बैठक में कांग्रेस वर्किंग कमेटी से पारित उस प्रस्ताव को भी मंजूरी दी जाएगी जिसके मुताबिक राहुल गांधी को 'मिशन 2014' की कमान सौंपी गई है.

कांग्रेस ने दी परंपरा की दुहाई...
लोकसभा चुनाव से पहले निराश कार्यकर्ताओं में जान फूंकने के लिए कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में ज्यादातर नेता राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के पक्ष में थे, लेकिन तभी सोनिया गांधी सामने आईं और परंपरा की दुहाई देते हुए बीजेपी के नरेंद्र मोदी के मुकाबले राहुल गांधी को उतारने से साफ बचा लिया. राहुल पीएम उम्मीदवार के रूप में प्रोजेक्ट नहीं होंगे लेकिन चुनाव उन्हीं की अगुवाई में लड़ा जाएगा. यानी पार्टी ने ये गुंजाइश बचा ली कि अगर पार्टी चुनाव में कामयाबी का झंडा लहराती है तो राहुल को राजकुमार से सम्राट बनाने के भरपूर मौके हाथ में रहें.

बीजेपी ने साधा कांग्रेस पर निशाना
सच है कि कांग्रेस की ये परंपरा नहीं रही है, लेकिन चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सोनिया गांधी ने ही परंपरा तोड़ने का संकेत दिया था. तब सोनिया गांधी ने कहा था कि सही समय पर प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का ऐलान किया जाएगा. अब सोनिया गांधी के लिए तो वो उचित वक्त आया नहीं लेकिन बीजेपी को अपनी धुर विरोधी पार्टी पर निशाना साधने का एकदम सही मौका मिल गया. बीजेपी ने कांग्रेस पर वार करते हुए कहा कि पार्टी ने हार के डर से नहीं बनाया किसी को पीएम पद का उम्मीदवार. बीजेपी कुछ भी कहे लेकिन कांग्रेस का पूरा फैसला सोचा-समझा है. मोदी जैसे अनुभवी नेता के खिलाफ राहुल को सीधी टक्कर से बचा भी लिया और कामयाबी की स्थिति में राहुल के सिर पर सेहरा सजाने का रास्ता भी खुला रखा.

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