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कांग्रेस नेता सिंघवी ने मोदी सरकार पर बोला हमला, कहा- जवाब की जगह सन्नाटा मिल रहा

कांग्रेस प्रवक्ता सिंघवी ने कहा कि ये बात सही है कि मई और जून में बहुत जबरदस्त फायदा हुआ है रोजगार का, 7 करोड़ का और ये मैं बताना चाहता हूं आपको. मोदी जी चाहें तो हमें प्रणाम करें, देश को प्रणाम करें कि मनरेगा है.

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सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते हैं अभिषेक मनु सिंघवी (फाइल फोटो: getty images)
सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते हैं अभिषेक मनु सिंघवी (फाइल फोटो: getty images)

  • सरकार के कामकाज को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता ने उठाए सवाल
  • अमेरिका, कुवैत और रोजगार की कमी को लेकर बोला हमला

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने बुधवार को मोदी सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की कोशिश की. सिंघवी ने कहा कि हम एक व्यापक मुद्दा, बल्कि कई मुद्दे जो एक साथ मिलकर और भी व्यापक हो जाते हैं, आपके जरिए उठाने का प्रयत्न कर रहे हैं.

मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि आप दिनभर हमें सीख देते हैं, उपदेश देते हैं, बड़े-बड़े जुमले देते हैं कि भारत की पैठ ये है, आन ये है, बान ये है, मान ये है, राष्ट्रवाद ये है, छाती 56 इंच की नहीं 65 इंच की है. लेकिन सच्चाई क्या है कि उधर जहां हमें आम जीवन पर, विद्यार्थी के जीवन पर छूता है तो अमेरिका ऐसे ऐंठ रहा है, जैसे भारत नाम का कोई देश ही नहीं है. जहां हमें आम आदमी के लिए तकलीफ होती है, दर्द होता है, वेदना होती है. वहां कुवैत हमारे श्रमिकों के विषय में एक अपने आप निर्णय लेता है, जिसमें कोई कंसल्टेशन नहीं है, कोई आपसी विचार-विमर्श नहीं है. हमारी पैठ कहां है, हमें पता नहीं है.

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सिंघवी ने आगे कहा कि अमेरिका के एच-1बी वीज़ा में चार में से तीन भारतीय इन्वॉल्वड हैं, वो भी एक तरफा निर्णय ले लेते हैं. हमारी भारत की डिप्लोमेटिक पैठ कहां है? हमारी आर्थिक शक्ति कहां है? हमारे सुपर पॉवर के देश की छवि कहां है? ये प्रश्न हम आपके जरिए उठाना चाहते हैं. मैंने इसलिए कहा ना पूर्व, ना पश्चिम मोदी जी दोनों दिशाओं में हमारी पैठ नहीं है. एक तरफ अमेरिका सुनने को तैयार नहीं है, दूसरी तरफ कुवैत सुनने को तैयार नहीं है, सबसे बड़ा और सबसे छोटा देश.

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रोजगार के मुद्दे पर बात करते हुए सिंघवी ने कहा कि अभी आप कोरोना का बहाना नहीं बना सकते, इसलिए मैं जनवरी के पहले की बात करता हूं, नहीं तो आप शुरुआत कर देते हैं कोरोना का बहाना बनाने की. आपको मालूम है कि सबसे ज्यादा गिरावट रोजगार की हमारे देश में अब हुई है और आज भी जो आंकड़ा ऐब्सलूट रोजगार का है 2020 में, वो ऐब्सलूट आंकड़ा 2019 से कम है. मैं आपको बता देता हूं, ये आंकड़ा पिछले वर्ष में था 40.4 करोड़ रोजगार, पिछले फाइनेंशियल वर्ष में, इस वर्ष में है 37.4 करोड़. अब ऐब्सलूट फिगर में रोजगार गिर रहा है, तो एक तरफ तो ये हो रहा है. दूसरी तरफ अप्रैल में कोरोना के बाद 12 करोड़ एक महीने में नुकसान हुआ है. अब ये बात एक महीने में है 12 करोड़ रोजगार की.

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सिंघवी ने आगे कहा कि ये बात सही है कि मई और जून में बहुत जबरदस्त फायदा हुआ है रोजगार का, 7 करोड़ का और ये मैं बताना चाहता हूं आपको. मोदी जी चाहें तो हमें प्रणाम करें, देश को प्रणाम करें कि मनरेगा है. ये 7-8 करोड़ 12 में से 90 प्रतिशत कृषक मनरेगा पर आधारित, डेली वेजर इत्यादि लोग हैं. 12 करोड़ लोगों को लात पड़ी है देश पर वो पड़ी है अर्बन लोगों पर, शहर वाले लोगों पर, ऐसे रोजगार जो वापस नहीं आए हैं, एमएसएमई को, सेल्फ इम्पल्योड को, इंडिविजुअल को, वो वापस नहीं आए हैं. जो वापस 7-8 करोड़ आए हैं, वो मनरेगा की वजह से आए हैं, जिसकी वजह से आप हमें गालियां और जुमले सुना रहे थे कुछ वर्ष पहले.

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मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए सिंघवी ने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आप चुन-चुन कर भारत के उन वर्गों पर दुष्प्रभाव कर रहे हैं, प्रहार कर रहे हैं, आघात कर रहे हैं, जो अपने श्रम से, अपने हुनर से भारत का नाम रोशन करते हैं और कई दशकों से करते आए हैं. इन सबके बीच में आपके पास कोई हल नहीं है. आपने कोई नीति नहीं बनाई. प्रधानमंत्री जी सब काम को छोड़कर अमेरिका और कुवैत इसके लिए जाना चाहिए. आपने एक भी कोई ठोस चीज क्या की, जिससे कि ये नीतियां वापस ली जाएं? करोड़ों-लाखों भारतीय एक आवाज में ये प्रश्न का उत्तर मांग रहे हैं, लेकिन जवाब की जगह सन्नाटा मिल रहा है.

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