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दिल्ली: कश्मीर पर कांग्रेस में मंथन, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के घर बड़ी बैठक

अनुच्छेद 370 को लेकर संसद के लेकर विपक्षी पार्टियों के बीच खलबली मच गई है. मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आवास पर कांग्रेस जम्मू-कश्मीर पॉलिसी ग्रुप की बैठक बुलाई गई. इसमें जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति पर बातचीत हुई.

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पूर्व पीएम मनमोहन सिंह

अनुच्छेद 370 को लेकर संसद के लेकर विपक्षी पार्टियों के बीच खलबली मच गई है. मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आवास पर कांग्रेस जम्मू-कश्मीर पॉलिसी ग्रुप की बैठक बुलाई गई. इसमें जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति पर बातचीत हुई. जम्मू-कश्मीर पॉलिसी ग्रुप की बैठक की अगुआई पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने की. इस बैठक में जम्मू-कश्मीर के शीर्ष नेता इस बैठक में शामिल हुए. इसके अलावा राज्य की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति और तीनों क्षेत्रों को लेकर उभरे मसलों पर भी बात हुई.

इससे पहले संसद में अनुच्छेद 370 हटाए जाने और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल को लेकर कांग्रेस और बीजेपी नेताओं के बीच जमकर बहस हुई. लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, आप कहते हैं कि कश्मीर आतंरिक मसला है. लेकिन 1948 से इस मामले को संयुक्त राष्ट्र मॉनिटर कर रहा है. क्या है आंतरिक मसला है? हमने शिमला समझौता और लाहौर घोषणा की. क्या है आंतरिक मसला था या द्विपक्षीय? इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, मैं सदन में जब-जब जम्मू-कश्मीर राज्य बोलता हूं तब-तब पीओके और अक्साई चीन भी इसका हिस्सा है. ये बात है...हम जान दे देंगे इसके लिए.

हालांकि, अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के लेकर कांग्रेस में ही नेताओं की राय बंटी हुई है. पार्टी नेता दीपेंद्र हुड्डा, मिलिंद देवड़ा, अदिति सिंह और रंजीत रंजन ने मोदी सरकार के इस कदम का समर्थन किया. जब यह सवाल पार्टी नेता गुलाम नबी आजाद से किया गया तो उन्होंने कहा, 'जिन लोगों को जम्मू-कश्मीर का इतिहास या कांग्रेस का इतिहास पता नहीं, उनसे मुझे कोई लेना-देना नहीं है. वो पहले जम्मू-कश्मीर और कांग्रेस का इतिहास पढ़ लें, फिर कांग्रेस में रहें.'  

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