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संसद भवन में राहुल की अगुवाई में 'यू टर्न सरकार' के खिलाफ प्रदर्शन

नरेंद्र मोदी सरकार पर कांग्रेस ने हमले तेज कर दिए हैं. सरकार पर यू-टर्न का आरोप लगाते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी संसद भवन परिसर में पार्टी सांसदों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं. सोमवार को ही कांग्रेस ने सोमवार को एक बुकलेट जारी कर केंद्र सरकार को 'यू-टर्न सरकार' बताया था.

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Rahul Gandhi protest
Rahul Gandhi protest

नरेंद्र मोदी सरकार पर कांग्रेस ने हमले तेज कर दिए हैं. सरकार पर यू टर्न का आरोप लगाते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी संसद भवन परिसर में पार्टी सांसदों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं. सोमवार को ही कांग्रेस ने एक बुकलेट जारी कर केंद्र सरकार को 'यू टर्न सरकार' बताया था.

सूत्र बता रहे हैं कि बुकलेट जारी करने के समय ही कांग्रेस सांसदों को निर्देश दे दिया गया था कि यह मसला सिर्फ बुकलेट तक ही सीमित नहीं रहेगा और संसद से सड़क तक पार्टी इस मुद्दे को उठाएगी.

सोमवार को जारी की गई थी बुकलेट
इससे पहले मोदी सरकार के छह महीने पूरे होने पर कांग्रेस ने सोमवार को 'यू टर्न सरकार' नाम से बुकलेट जारी की. कांग्रेस नेता अजय माकन ने बुकलेट जारी करते हुए कहा कि मोदी सरकार अपने 180 दिनों के कार्यकाल में कुल 25 बार वादे से पलटी है. यानी सरकार हर हफ्ते अपने एक वादे से पलटी मारी रही है, जो जनता के साथ सरासर धोखा है. कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी ने वोट बटोरने के लिए जनता को झूठे सपने दिखाए और अब सपनों को तोड़ने का काम कर रही है.

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बुकलेट में कालेधन को मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस ने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि वह 100 दिनों में ही कालाधन वापस लाएगी, लेकिन पैसा अभी तक वापस नहीं आया. दुखद तो यह है कि अब सरकार के मंत्री और नेता ऐसी किसी डेडलाइन की बात को मानने के लिए भी तैयार नहीं हैं. जबकि राजनाथ सिंह ने खुद 100 दिनों में कालाधन वापसी की बात की थी.

कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी नेता पहले जहां खुले तौर पर विदेशों में कालेधन की रकम के आंकड़ों का बखान करते थे, वहीं अब खुद प्रधानमंत्री 'मन की बात' में कहते हैं कि उन्हें नहीं पता विदेशी बैंक खातों में कितना कालाधन है. जबकि नितिन गडकरी ने कहा था कि विदेश में 21 लाख करोड़ कालाधन है. यहां तक कि सरकार ने यह भी कहा था कि पैसा वापसी पर सभी को 15 लाख रुपये भी मिलेंगे.

बीजेपी सरकार पर कांग्रेस के अन्य आरोप
* पाकिस्तान की ओर से सीजफायर और चीन की भारतीय सीमा में मौजूदगी को चुनाव पूर्व मुद्दा बनाने वाली बीजेपी, सरकार बनने के बाद अब मुद्दे पर खामोश है. यही नहीं, इस दौरान सरकार रक्षा मंत्रालय के लिए एक स्थाई मंत्री तक नहीं बना पाई.

* चुनाव पूर्व सरकार ने नंदन नीलेकणी और आधार कार्ड का विरोध किया, जबकि अब वह इसे सपोर्ट कर रही है.

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* बीजेपी ने एनसीपी को महाराष्ट्र की सबसे भ्रष्ट पार्टी बताया, जबकि विधानसभा चुनाव के बाद खुद उससे गठबंधन की जुगत में जुट गई.

* महंगाई से त्रस्त जनता को राहत देने के बात करने वाली बीजेपी ने सत्ता में आने के ठीक बाद रेल किराया बढ़ाया.

* सरकार ने किसानों को समर्थन मूल्य में कोई राहत नहीं दी.

* स्वच्छ मंत्रिमंडल और स्वच्छ सरकार की बात करने वाली बीजेपी सरकार के मंत्रिमंडल में कई दागी मंत्री.

* कभी डीजल कीमतों के डीरेगुलेशन का विरोध करने वाली पार्टी अब उसे आगे लेकर बढ़ रही है.

* मोदी सरकार ने अभी तक सीआईसी और सीवीसी की नियुक्ति‍ नहीं की.

* पीपी राव को लोकपाल नियुक्त करने के क्रम में भी सरकार की हां और ना का चलन दिखा.

* दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए भी बीजेपी सरकार अगर-मगर करती दिखी.

* धारा 370 के मुद्दे पर बीजेपी सरकार 180 डिग्री के एंगल के साथ सीधे पलट गई.

* मैक्सि‍मम गवर्नेंस की बात करने वाली मोदी सरकार में भी अब 66 मंत्री हैं.

* बाबा रामदेव के सुझाव पर मोदी सरकार ने 1000 रुपये के नोट को बंद करने का फैसला किया, लेकिन नेपाल जाकर प्रधानमंत्री ने 1000 रुपये के नोट को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर किया.

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