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चित्रकूट जेल हत्याकांड: जेलर और जेल अधीक्षक सस्पेंड, विभागीय कार्रवाई के भी आदेश

Chitrakoot Jail Murder Case: जेल के अंदर गोलीबारी और हत्या के बाद चित्रकूट जेल के जेलर और जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है. साथ ही विभागीय कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं. शुक्रवार को चित्रकूट जेल में गैंगवार में दो अपराधी मारे गए थे. तीसरा कैदी पुलिस की गोली से मारा गया था. 

चित्रकूट जेल चित्रकूट जेल
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चित्रकूट जेल में गैंगवार, 3 कैदियों की मौत
  • जेलर और जेल अधीक्षक निलंबित
  • सरकार ने दिए विभागीय कार्रवाई के आदेश

यूपी के चित्रकूट जेल हत्याकांड मामले में योगी सरकार ने कार्रवाई की है. जेल के अंदर गोलीबारी और हत्या के बाद चित्रकूट जेल के जेलर और जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है. साथ ही विभागीय कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं. शुक्रवार को चित्रकूट जेल में गैंगवार में दो अपराधी मारे गए थे. तीसरा कैदी पुलिस की गोली से मारा गया था. 

फिलहाल, अशोक कुमार सागर को चित्रकूट का नया जेल अधीक्षक बनाया गया है. वहीं, सीपी त्रिपाठी चित्रकूट जेल के नए जेलर बनाए गए. डीआईजी जेल प्रयागराज संजीव त्रिपाठी को अयोध्या डीआईजी का भी चार्ज दिया गया, जबकि शैलेंद्र कुमार मित्रेय को डीआईजी जेल लखनऊ का चार्ज दिया गया है.

उधर, इस मामले में चित्रकूट प्रशासन का कहना है कि जेल में बंद अंशु दीक्षित ने मुकीम और मेराज अली की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद उसने 5 कैदियों को बंधक बना लिया. इस दौरान जेल प्रशासन ने अंशु से कैदियों को छोड़ने की अपील की, लेकिन वह नहीं माना. जिसके बाद पुलिस और अंशु के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें अंशु भी मारा गया. यानी कि चित्रकूट जेल में शुक्रवार को तीन अपराधी मारे गए, दो गैंगवार में और एक पुलिस से मुठभेड़ में. 

इस मामले को लेकर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने तत्काल जेल डीआईजी से रिपोर्ट मांगी. सीएम ने निर्देश दिया कि अगले 6 घंटे में एक संयुक्त टीम इस घटना की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराए. जिसके बाद देर शाम डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी पूरे घटनाक्रम का जायजा लेने चित्रकूट जेल पहुंच गए.

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शुरुआती जांच के बाद जेलर और जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया. साथ ही विभागीय कार्रवाई के भी आदेश दिए गए. बता दें कि जेल के अंदर फायरिंग और हत्या से योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है. 

मुन्ना बजरंगी और मेराज अली (फ़ोटो- संतोष शर्मा)

सूत्रों के मुताबिक, अंशु दीक्षित ने जेल में 7 राउंड गोली चलाई थी. यह गोली 9 एमएम की पिस्टल से चली. ऐसे में पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर अंशु तक पिस्टल कैसे पहुंची. वहीं, जिस मेराज की अंशु ने हत्या की वह मुन्ना बजरंगी गैंग का सक्रिय सदस्य माना जाता था. जबकि मुकीम काला पश्चिमी उत्तर प्रदेश का इनामी गैंगस्टर था.

खबर तो ये भी मिली है कि जिस समय ये घटना हुई थी तब जेल के अंदर मौजूद सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे. ऐसे में ये पहलू भी जांच का विषय है और इसे एक बड़ी लापरवाही के तौर पर देखा जा रहा है. 

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